Saturday, November 26, 2022
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मजदूरो को नगद राशि भी वितरित नहीं कर पा रही है भूपेश सरकार –बृजमोहन अग्रवाल

    • मजदूरों के हितों के 700 करोड़ से अधिक राशि पर कुंडली मार बैठी है सरकार, अमानत में खयानत व अपराधिक कृत्य कर रही है, छ.ग. सरकार।
    • साढ़े तीन सालों में मजदूरों के लिए एक भी सायकल, सिलाई मशीन, औजार, कीट, सुरक्षा कीट की खरीदी नहीं

रायपुर/22 जुलाई 2022/भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल व छ.ग. असंगठित कर्मकार मंडल के माध्यम से श्रमिकों को दिये जा रहे सहायता, सामग्री वितरण व उपकरण खरीदी का मामला विधानसभा में उठाया।

श्रम मंत्री ने अपने जवाब में यह स्वीकार किया है कि सरकार ने 1 जनवरी 2019 से 31 मई 2022 तक अर्थात साढ़े तीन साल के कार्यकाल में मजदूरों के लिए सिलाई मशीन, सायकल, औजार, कीट, सुरक्षा कीट, सुरक्षा उपकरण की खरीदी ही नहीं की है और न ही प्रदेशभर के मजदूरों को नगद राशि का वितरण किया गया है।

श्रम विभाग व मंडलो में 700 करोड़ से अधिक राशि जमा है जिसे साढ़े तीन साल से खर्च नही कर पा रही है।

श्री अग्रवाल ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से जानना चाहा कि 1 जनवरी 2019 से 31 मई 2022 तक श्रम विभाग/मंडलों द्वारा कितनी सिलाई मशीन, सायकल, औजार, कीट व सुरक्षा उपकरण कितनी कितनी राशि की कितनी कितनी संख्या में क्रय किया गया है। क्या संबंधित वर्ष में सामग्री नहीं क्रय की गई है, तो क्यों? व हितग्राहियों को क्या वितरण किया गया है? क्या हितग्राहियों को नगदज राशि दी गई है? सामग्रीवार कितनी राशि दी गई है?
श्रम मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि  प्रश्नांकित अवधि में विभाग एवं मंडलों द्वारा कोई सामग्री क्रय नहीं की गई है। इस अवधि में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा क्रय की गई शेष सामग्री का वितरण किया गया, जिसमें मात्र साढ़े तीन साल में 676 सिलाई मशीन, 8 सायकल, 711 रेजा कुली कीट, राजमिस्त्री कीट 330, इलेक्ट्रीशियन कीट 49, प्लम्बर कीट 6, कॉरपेंटर कीट 36, पेंटर कीट 86, सुरक्षा उपकरण कीट 13683, कचरा बिनने सुरक्षा उपकरण 503, सफाई उपकरण 287 वितरीत किया गया है जो पूर्व की सरकार के समय से बचा था। 

वर्तमान सरकार ने मजदूरो के किसी भी योजना के लिए कोई सामग्री नहीं खरीदी और न ही मजदूरों को किसी योजना के तहत नगद भुगतान किया है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार श्रमिक/मजदूर विरोधी है। नियोक्ताओं द्वारा गरीब मजदूरों के हितों के लिए दिए गए छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के खाते में लगभग 632 करोड़ रूपये का ब्याज खा रही हैं पर मजदूरों के लिए एक रूपया खर्च नहीं किया जा रहा है। यही स्थिति श्रम कल्याण मंडल में है जहां पर लगभग 38.68 लाख रूपये श्रमिको के कल्याण के लिए रखा गया है पर सरकार एक रूपया खर्च नहीं कर पा रही है। छ.ग. असंगिठत कर्मकार मंडल में मंडल के पास लगभग 36 करोड़ रूपये मजदूरो के कल्याण के लिए रखा हुआ है पर मजदूरो के कल्याण के लिए एक रूपया खर्च नहीं किया जा रहा है। श्रम विभाग के पास कुल 700 करोड़ से अधिक की राशि मजदूरो के सामग्री वितरण एवं कल्याणकारी काम के लिए रखा गया है। पर सरकार मजदूरो के पैसो पर ब्याज कमा रही है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि सरकार गरीब मजदूरो के 700 करोड़ रूपये पर अमानत में खयानत कर रही है। यह सीधा सीधा अपराधिक कृत्य है। मजदूर हितों के पैसों को मजदूरो के हित में खर्चा न करना और बैंक में रखकर ब्याज कमाना किसी भी तरह उचित नहीं है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि मजदूरो के लिए संचालित 73 योजनाओं का प्रदेश में बुरा हाल है। मजदूरो के पैसों पर यह सरकार कुंडली मार कर बैठी है। सरकार मजदूरो के शोषक के रूप में काम कर रही है।

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