Saturday, November 26, 2022
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अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ एवं ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित हुआ “पिछड़े वर्गों के राष्ट्रीय अधिवेशन”

रायपुर, 20 नवंबर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्टैंड पर देश भर में जातिगत जनगणना ओबीसी को उनके आबादी के अनुसार सभी क्षेत्रों में 52% आरक्षण व उनके सुरक्षा कानून को लेकर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कर्माधाम प्रांगण में त्यागमूर्ति आर एल चंदापुरी की 99 वीं जयंती पर आयोजित “पिछड़े वर्गों के राष्ट्रीय अधिवेशन” में हजारों नवयुवकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिसमे देश के विभिन्न राज्यों के सामाजिक, बौद्धिक व राजनैतिक चिंतकों विचारकों व संगठनों के प्रबुद्ध संचालकों ने त्यागमूर्ति आर एल चंदापुरी के बताए रास्ते पर चलते हुए पिछड़े वंचितों व गरीबों के संवैधानिक अधिकारों को प्राप्ति हेतु “आजादी की दूसरी संघर्ष” को तेज करने का संकल्प दोहराया।

गगनभेदी नारों व तालियों की गड़गड़ाहट के बीच समारोह के मुख्य अतिथि व बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भारतव्यापी पिछड़ा वर्ग आंदोलन के सूत्रधार त्यागमूर्ति आर एल चंदापुरी के चित्र पर माल्यार्पण कर राष्ट्रीय अधिवेशन का उदघाटन किया। उन्होंने उन्हें महान चिंतक व क्रांतिकारी योद्धा बताते हुए कहा कि त्यागमूर्ति चंदापुरी ने 1948 के 18 मार्च को डॉ आंबेडकर से मुलाकात कर पिछड़ी जाति शब्द को सर्वप्रथम पिछड़ा वर्ग में परिभाषित किया जिसे डॉ आंबेडकर ने पिछड़ा वर्ग शब्द को जोड़कर 340 वी धारा का समावेश संविधान में किया था।

श्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ आंबेडकर व त्यागमूर्ति चंदापुरी के संघर्षों, नीतियों व सिद्धांतों का हवाला देते हुए केन्द्र व राज्य सरकार से नीतीश स्टैंड की तर्ज पर जातिगत जनगणना की शुरुआत कराने, ओबीसी के आरक्षण में रोस्टर पद्धति व निकाय चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण की व्यवस्था को बहाल करने पर बिहार मॉडल को लागू करने पर बल दिया । उन्होंने छत्तीसगढ़ में ओबीसी को 27% आरक्षण की जगह 14% आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग आबादी के अनुसार संवैधानिक अधिकार पाने का हकदार है जिससे उन्हें वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पिछड़ा वर्ग संघ ने वंचितों-पिछड़ों व गरीबों के हित में नीतीश स्टैंड को देशव्यापी आंदोलन का रूप दे दिया है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है ।

अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्र कुमार सिंह चंदापुरी ने कहा कि एनडीए 1 की केंद्रीय सरकार द्वारा 2021 की जनगणना में ओबीसी की गणना कराने के आदेश के बावजूद जातिगत जनगणना न होना न केवल भ्रमात्मक व गलत है बल्कि ओबीसी के साथ घोर बेईमानी धोखाधड़ी और विश्वासघात है। + उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी देश में पिछड़े वर्गों की स्थिति मरणासन्न अवस्था में है जिसकी जानकारी मैने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दी है और वे भी इससे वाकिफ हैं। अब संघ चुप नहीं बैठेगा। यदि शीघ्र पिछड़े वर्गों को उनके आबादी के अनुसार 52% आरक्षण नही दिया गया तो हमलोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।

श्री चंदापुरी ने कहा कि पिछड़ों-वंचितों व गरीबों की समस्या ही राष्ट्रीय समस्या है और जब तक उनका प्रतिनिधित्व आबादी के अनुसार नही किया जाता तब तक देश की तस्वीर बदलने वाली नहीं है। संघ ने सामाजिक, आर्थिक . शैक्षणिक व राजनीतिक दासता के खिलाफ विगत 27 जून 2022 को 14 सूत्री सुझावों पर अमल करने की मांग रखी थी किंतु इस दिशा में अब तक कुछ न किया जाना घोर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिवेशन में आए विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों व नवयुवकों से पिछड़े वर्गों के राष्ट्रीय जीवन में अपने अधिकारपूर्ण स्थान तथा अस्तित्व की रक्षा के लिए सब तरह से संगठित होकर आने वाले संघर्ष के निमित्त तैयार होने की अपील की ।

संघ के राष्ट्रीय महासचिव एवम ओबीसी संयोजन समिति छग के संस्थापक तथा अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष शत्रुहन सिंह साहू ने प्रारंभ में सम्मेलन में आए हुए मुख्य अतिथि व मंत्री श्रवण कुमार तथा देश के कोने कोने से आए विभिन्न सामाजिक बौद्धिक राजनेतिक संगठनों के संचालकों पत्रकार लेखकों समाजसेवी तथा हजारों की संख्या में संघ एवम ओबीसी संयोजन समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि आज देश में और छत्तीसगढ़ प्रदेश में संस्थानों द्वारा तकनीकी व गैर कानूनी अड़चनें पैदा कर पिछड़े वर्गों के विकास व उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ओबीसी को 27% आरक्षण अब तक न लागू होना राज्य का सबसे ज्वलंत मुद्दा है और प्रदेश की 54% आबादी इस संवैधानिक निर्णय का इंतजार कर रही है। आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत पिछड़े वर्गों के आरक्षण को रोक कर रखा गया है जिसे इस अधिवेशन में इस मुद्दे पर पहले से छिड़ी बहस को राष्ट्रीय पैमाने पर लाने के लिए लाए गए प्रस्ताव को करतल ध्वनि से पारित किया गया ।

महाराष्ट्र ओबीसी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ढोबले तथा संघ के उपाध्यक्ष सी एल गंगवार ने नीतीश स्टैंड पर

देश में जातिगत जनगणना एवम पिछड़े वर्गों को मंडल आयोग के तहत आबादी के अनुसार 52% आरक्षण लागू

करवाने हेतु अधिवेशन में प्रस्ताव लाया जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया ।

संघ के महासचिव सिपाही यादव ने अगले वर्ष के लिए संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर इन्द्र कुमार सिंह चंदापुरी को बने रहने एवम सभी संगठनात्मक निर्णयों के लिए अधिकृत करने हेतु सम्मेलन में प्रस्ताव लाया जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया।

संघ का अगला राष्ट्रीय अधिवेशन त्यागमूर्ति आर एल चंदापुरी की 100 वी जयंती पर बिहार की राजधानी पटना में करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय महासचिव शत्रुहन सिंह साहू ने लाया जिसे पारित किया गया।

राष्ट्रीय अधिवेशन को संघ के राष्ट्रीय प्रधान उपाध्यक्ष डॉ एम ए खान दिल्ली विधायक अजय चंद्राकर, विधायक संगीता भैयाराम सिन्हा, सी एल गंगवार यूपी, पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल, उमेश नंदलाल साहू दिल्ली, अविनाश काकडे महाराष्ट्र, प्रदीप ढोबले मुंबई, अनंत राम साहू पत्रकार दिग्विजय सिंह कृदंत नागपुर, दीपक कुमार सिन्हा संतोष कुर्मी असम, नरेश पटेल राजस्थान शिवनारायण साहू, अशोक साहू, श्रीमती शांति शाह पटना रेखा दिनेश साहू छ. ग. आईआईटियन डॉ जितेंद्र पासवान पटना विशिष्ट अतिथियों ने संबोधित किया तथा मंच संचालन नोहर लाल साहू व चेतन साखरे ने की।

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