रायपुर कलेक्टर ने ली जीवनदीप समिति की बैठक:अस्पतालों में उपकरण, डॉक्टरों की नियुक्ति और मरम्मत कामों को मिली मंजूरी

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रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला चिकित्सालय रायपुर, जिला चिकित्सालय पंडरी और मातृ-शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी से जुड़े विकास कार्यों, उपकरणों की उपलब्धता, मरम्मत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। साल 2025-26 के आय-व्यय की समीक्षा के साथ अलग-अलग विभागों में आवश्यक सामग्री और सेवाओं से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
बैठक में मातृ-शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी के सुचारू संचालन के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी और सर्जरी विशेषज्ञ की नियुक्ति संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके अलावा नेत्र रोग विभाग के लिए नए ऑटो-रिफ्रेक्टोमीटर की खरीद को मंजूरी दी गई। समिति ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
चिकित्सा उपकरणों की खरीदी को मंजूरी
जिला चिकित्सालय पंडरी और मातृ-शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी के लिए 10 नए वाटर कूलर उपलब्ध कराने, जिला चिकित्सालय रायपुर के ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत और अस्पताल की लिफ्टों के रखरखाव और वार्षिक अनुरक्षण संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही जिला चिकित्सालय रायपुर के लिए दो नई अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनों की खरीदी, ई-ऑफिस संचालन के लिए नए कंप्यूटर सिस्टम और एनक्यूएएस की तैयारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं काम
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में 200 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन, पीजी विद्यार्थियों के ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण, वाहन चालकों की नियुक्ति तथा अन्य मरम्मत कार्यों पर भी आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित जीवनदीप समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



