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छत्तीसगढ़ में सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:निकायों को निर्देश, CPCB पोर्टल पर कराना होगा पंजीयन

 

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नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को बल्क वेस्ट जनरेटर्स (Bulk Waste Generators) का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए विभाग ने सभी निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र भेजा है।

विभाग ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी हो चुका है। अब चिन्हित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का इसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।

यह व्यवस्था ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत लागू की गई है। इसके अनुसार बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, परिसरों और अन्य चिन्हित इकाइयों का पंजीयन केंद्रीकृत पोर्टल पर किया जाना आवश्यक है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में चिन्हित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उनका पंजीयन CPCB के ऑनलाइन पोर्टल पर जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए। इससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

आप इसे स्टोरी में बैकग्राउंड/कॉन्टेक्स्ट बॉक्स के तौर पर इस तरह जोड़ सकते हैं:

19 दिन पहले पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी जारी किया था सख्त आदेश

बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देश ऐसे समय आए हैं, जब 19 दिन पहले छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बैटरी वेस्ट के अवैध कारोबार पर सख्ती के आदेश जारी किए थे।

मंडल ने स्पष्ट किया था कि बिना पंजीयन और जरूरी दस्तावेजों के पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन करना गैरकानूनी है। अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में कई स्थानों पर कबाड़ और पुरानी बैटरियों का कारोबार नियमों के विपरीत संचालित होने की शिकायतें मिली हैं, जिससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है।

बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 के तहत केवल पंजीकृत संस्थाओं को ही पुरानी बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन और रीसाइक्लिंग करने की अनुमति है। कारोबारियों के लिए खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े सभी दस्तावेज रखना भी अनिवार्य किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने यह भी साफ किया था कि खुले स्थान पर पुरानी बैटरियां जमा करना, बिना अनुमति उनका भंडारण करना या अवैध तरीके से खरीद-बिक्री करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मंडल ने पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाने की भी घोषणा की थी। इसके तहत स्क्रैप डीलरों, कबाड़ कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और बैटरी व्यापार से जुड़े लोगों की जांच होगी। गंभीर अनियमितता मिलने पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई थी कि कहीं भी बैटरी वेस्ट का अवैध कारोबार, भंडारण या परिवहन दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें।

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