टंकी के लिए 22 करोड़ मंजूर, लेकिन जमीन तय नहीं:निगम को 4 महीने से एनओसी का इंतजार, 20 हजार से अधिक घर प्रभावित, अगली गर्मी तक भी राहत मुश्किल

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खम्हारडीह क्षेत्र लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है। इलाके की बढ़ती आबादी के अनुरूप नगर निगम पर्याप्त जलापूर्ति संसाधन विकसित नहीं कर पाया है। इसका असर सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि सालभर देखने को मिलता है।
समस्या के समाधान के लिए सरकार ने नगरोत्थान योजना के तहत खम्हारडीह में पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार के लिए करीब 22 करोड़ रुपए मंजूर किए थे, लेकिन अब तक इसका काम शुरू नहीं हो सका है।
यह प्रोजेक्ट निगम प्रशासन की लापरवाही के कारण अधर में लटका हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस जमीन पर पानी टंकी प्रस्तावित है, वह महिला एवं बाल विकास विभाग की है और विभाग से अब तक एनओसी नहीं मिली है।
इसके चलते निर्माण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इधर, निगम की लापरवाही का खामियाजा खम्हारडीह इलाके में रहने वाले 20 हजार से अधिक परिवार भुगतेंगे। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले गर्मी सीजन तक भी लोगों को राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।
तीन इलाके प्रभावित, रोज 50 ट्रिप टैंकर से हो रही आपूर्ति खम्हारडीह में पानी टंकी का निर्माण नहीं होने से केवल यही इलाका ही नहीं, बल्कि सेल्स टैक्स कॉलोनी, अवंती विहार, शंकर नगर के कुछ हिस्सों समेत आसपास के कई वार्ड प्रभावित हो रहे हैं। इन इलाकों में और खासकर खम्हारडीह की बस्तियों और मोहल्लों में नगर निगम फिलहाल 5 टैंकरों के जरिए रोज करीब 50 ट्रिप पानी पहुंचा रहा है। वहीं कई कॉलोनियों में भूजल स्तर गिरने से लोग निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। पानी टंकी का निर्माण पूरा होने से इन इलाकों को स्थायी राहत मिल सकती थी।
मार्च में स्वीकृति, फिर भी अनुमति नहीं नगरीय प्रशासन विभाग से मार्च में नगरोत्थान योजना के तहत पानी टंकी निर्माण की स्वीकृति मिली। इसके बाद जमीन का चयन कर एनओसी के लिए फाइल महिला एवं बाल विकास विभाग भेजी गई। इस बीच अफसरों ने 23 अप्रैल को भूमिपूजन की तारीख भी तय कर दी थी। लेकिन एनओसी नहीं मिलने से पूरा मामला ही ठंडे बस्ते में चला गया।
मानसून के कारण और बढ़ेगी देरी अगले 14-15 दिनों में प्रदेश में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे में यदि निगम को जल्द एनओसी मिल भी जाती है, तब भी बारिश के दौरान पानी टंकी की नींव जैसे निर्माण कार्य शुरू करना संभव नहीं होगा। इसका मतलब है कि निर्माण बरसात के बाद ही शुरू हो सकेगा और लोगों को अगले गर्मी सीजन में भी जल संकट झेलना पड़ सकता है।
अफसरों की लापरवाही यह निगम के अफसरों की लापरवाही है। समय रहते एनओसी ले लेते तो फाउंडेशन का काम मानसून से पहले पूरा हो जाता। अब वार्ड के लोगों को अगले गर्मी में भी पानी की समस्या से जूझना पड़ेगा।
जल्द मिलेगी एनओसी जल्द ही पानी टंकी का निर्माण कार्य शुरू कर लिया जाएगा। एनओसी के संबंध में निगम आयुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव से चर्चा की है। साथ ही इस संबंध में पत्राचार भी किया जा चुका है।



