15 साल से सड़क जर्जर:गड्ढों में भरे पानी से नहाए युवा, फिर सड़क पर उतरीं छात्राएं

नवापारा । सड़क की बदहाली के खिलाफ अब नवापारा में बच्चों ने भी मोर्चा खोल दिया है। राबर्टसन स्टेशन से भालूनारा तक करीब 7.5 किमी सड़क पिछले 15 साल से जर्जर है। लगातार बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ भर गया है। सोमवार को नवापारा के युवाओं ने गड्ढों में भरे पानी में नहाकर विरोध जताया था। इसके बाद मंगलवार सुबह नवापारा हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आए। बच्चों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान बच्चों के हाथों में ‘सड़क चाहिए, भीख नहीं, यह हक है कोई एहसान नहीं’ और ‘फीता काटें और गाड़ी चलाएं’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उन्होंने सुशासन तिहार से लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक हर जगह शिकायत की है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के कारण सड़क की हालत अब इतनी खराब हो गई है कि कई हिस्सों में पानी भरने से यह तालाब जैसी दिखाई दे रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राबर्टसन स्टेशन से भालूनारा तक 7.5 किमी सड़क का काम वर्ष 2023-24 के बजट में शामिल किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार बाद में यह काम बजट से विलोपित हो गया। इसके बाद निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 26 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट में प्रस्ताव भेजने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क की हालत वर्षों से खराब है तो निर्माण के लिए उन्हें अब भी बजट का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है।

युवाओं के बाद अब बच्चों ने संभाला मोर्चा : सड़क की मांग को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है। रविवार को नवापारा के युवाओं ने सड़क के गड्ढों में जमा पानी में नहाकर विरोध जताया था। मंगलवार को हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने का सबसे ज्यादा असर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है, इसलिए अब वे भी अपनी आवाज उठा रहे हैं।
2023-24 के बजट में शामिल हुई, फिर विलोपित : राबर्टसन स्टेशन से भालूनारा तक 7.5 किमी सड़क का काम वर्ष 2023-24 के बजट में शामिल किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार बाद में यह काम बजट से विलोपित हो गया। इसके बाद निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 26 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट में प्रस्ताव भेजने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क की हालत वर्षों से खराब है तो निर्माण के लिए उन्हें अब भी बजट का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है।
विधायक पहुंचे, विभाग की टीम नहीं : प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। खरसिया पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की समस्या झेलने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।



