छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की रक्षा के लिए आप का हल्लाबोल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मतदाता सूचियों में कथित धांधली (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा व गिरफ्तारी हो -आम आदमी पार्टी

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे अभूतपूर्व हमले पर राजधानी रायपुर में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से भारत की राष्टपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश में सभी विधानसभा में ज्ञापन दिया जा रहा है। आप नेताओं ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है, परंतु हालिया घटनाक्रमों से यह स्पष्ट हो चुका है कि भारत का निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक निष्पक्षता खो चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा सत्ताधारी दल भाजपा के नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर देश भर के 30 राज्यों में SIR (विशेष सघन पुनरीक्षण /Special Intensive Revision) के नाम पर लगभग 13 करोड़ 47 लाख वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का गंभीर षड्यंत्र रचा गया है।

मुख्य बिंदु एवं आरोप:

1. वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी SIR की आड़ में बड़े पैमाने पर धांधली कर लाखों पात्र मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से काटे गए। इसी सुनियोजित साजिश के तहत आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जी को चुनावी प्रक्रिया में नुकसान पहुंचाया गया। चुनाव के उपरांत आम आदमी पार्टी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयोग को इसके ठोस एवं पुख्ता सबूत सौंपे गए थे, परंतु आयोग ने इन सबूतों पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय निष्क्रियता अपनाए रखी।
2. निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी पारदर्शी चुनाव कराने की है, परंतु वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्षता की सीमाओं को लांघकर सत्ताधारी दल के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने का माध्यम बन चुके हैं। इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का मताधिकार छीनना लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है।

आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:

1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक साजिश एवं लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के जुर्म में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
2. SIR प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच: 30 राज्यों में SIR के तहत काटे गए 13 करोड़ 47 लाख वोटों की निष्पक्ष और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए।
3. दिल्ली चुनाव सहित जिन-जिन राज्यों में पिछले 2 वर्षों में चुनाव हुए उन्हें रद्द किया जाये और जिनका नाम मतदाता सूची से धांधली कर नाम हटाए गए हैं, उनका ऑडिट (Audit) कराया जाए और सभी पात्र नागरिकों के नाम तुरंत मतदाता सूची में पुनः जोड़े जाएं।
4. छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूची में जो नाम हटाए गये हैं उनका पुनरिक्षण किया जाए।

आम आदमी पार्टी ने अपने ज्ञापन में राष्ट्रपति महोदया से आग्रह किया है कि देश के संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकार (मताधिकार) की रक्षा हेतु तुरंत कड़े संवैधानिक कदम उठाए जाएं। यदि देश की जनता का चुनाव प्रणाली से विश्वास उठ गया, तो लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। आम आदमी पार्टी की ओर से ज्ञापन देने नंदन सिंह, मिहिर कुर्मी, नौशाद अली, आर एस ठाकुर, शिव शर्मा, पवन सक्सेना, सागर क्षीरसागर, मनीष मेश्राम, संजय गुप्ता,महेंद्र बिसेन, वीरेंद्र पवार, विकास दास मानिकपुरी,विजय देवांगन,नरेंद्र ठाकुर,बलवंत सिंह आदि शामिल रहे

Related Articles

Back to top button