छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

निगम ने बदली व्यवस्था:खर्च पर सख्ती: जोन आयुक्तों के वित्तीय अधिकार घटे 50 हजार से अधिक के भुगतान अब मुख्यालय से होंगे

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर निगम ने खर्च और भुगतान प्रक्रिया पर सख्ती करते हुए जोन आयुक्तों के वित्तीय अधिकारों में कटौती कर दी है। अब जोन आयुक्त अपने स्तर पर केवल 50 हजार रु. तक के भुगतान को मंजूरी दे सकेंगे। इससे अधिक राशि के सभी भुगतान अब निगम मुख्यालय से होंगे। पहले उनके पास 4 लाख रुपए तक के भुगतान का अधिकार था।

निगम में ऑडिट आपत्तियों और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता व वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। जोन कार्यालयों से आने वाली कई पेमेंट संबंधी शिकायतों और पारदर्शिता बनाए रखने यह अधिकार सीमित किया गया है।

सफाई ठेका और प्लेसमेंट कंपनियों की फाइलों में भारी खामियां

वार्डों की सफाई के लिए अलग-अलग फर्म को ठेका दिया है। निगम में प्लेसमेंट कंपनियों के माध्यम से भी कई कर्मचारी काम करते हैं। इनके भुगतान की फाइल भी लंबे समय से ऑडिटर्स के पास फंसी है। इन फाइलों में सबसे ज्यादा खामियां हैं। इसके चलते पिछले 15 दिन में करीब 60 फाइल निगम मुख्यालय जांच के लिए पहुंची। इनमें से मात्र 7 फाइल पास हुए। नतीजा भुगतान में देर हो रही है।

ठेकेदार संघ ने जताई थी आपत्ति

नगर निगम के सिविल ठेकेदार संघ मे भी ऑडिटर्स पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई है। संघ के अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि ऑडिटर 10-15 दिनों तक फाईलों नहीं देख रहे। ठेकेदारों को फाईल की जानकारी नहीं दी जा रही है।

वित्तीय अधिकार के संबंध में पहले से ही निर्णय लिया गया था। यह पारदर्शिता और विवेक के अनुसार पर ही लिया गया है। इसके बाद ऑडिटर्स की टीम बैठी है। उन्हें निगम की फाइल ऑडिट के संबंध में ज्यादा अनुभव नहीं है। इसलिए देरी हो रही है। हम ऑडिटर्स की संख्या में बढ़ा रहे हैं। –

Related Articles

Back to top button