अर्णब चक्रवात से हुए फसल नुकसान की किसानों को मुआवाज मिले
किसानों के कर्जमाफ हो : तेजराम विद्रोही किसानों से अनुरोध कि संकट की घड़ी में परिवार एक दूसरे के साथ रहे

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छत्तीसगढ़। अर्णब चक्रवाती तूफान और बारिश के चलते पककर कटने को तैयार धान एवं सब्जी वर्गीय फसलों का भारी नुकसान हुआ है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने कहा कि किसान संगठन हमेशा से किसानों के लिए सरकार से यह मांग करती आयी है कि स्वामी नाथन आयोग के सिफारिशों के अनुरूप किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए एक जोखिम फंड का निर्माण करना चाहिए। किसान और प्रकृति दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। कभी सूखा, अल्प वर्षा, अति वर्षा और अर्णब जैसे चक्रवात न जाने कितने बारे किसानों को झेलना पड़ता है उनके लिए खेती करना आसान नहीं होता जिस पर पुरे परिवार का भविष्य टिका होता है साथ ही देश की अर्थव्यवस्था निर्भर है।
भारतीय किसान यूनियन सरकार से मांग करती है कि किसानों के फसल नुकसानी का मूल्यांकन के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारी कर्मचारी को अतिशीघ्र खेतों में जाना चाहिए और किसानों को राहत राशि प्रदान की जानी चाहिए साथ ही सरकार सभी किसानों का कर्ज माफ करे ताकि किसानों को आर्थिक और मानसिक संकट से उबारा जा सके। उन्होंने किसानों और परिवार से भी अनुरोध किया है कि इस आपदा और संकट की घड़ी में परिवार एकजुट और साथ रहे जिससे धैर्यता के साथ गंभीर आर्थिक मानसिक संकट का सामना कर सके।



