प्रमुख खबरेंमध्यप्रदेश एवं बुंदेलखंड

MP के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सरसों पर भी मिलेगा भावांतर, सोयाबीन की तर्ज पर सरकार भरेगी कीमत का अंतर

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सोयाबीन की तरह ही सरसों पर भावांतर दिया जाएगा। जो पंजीकृत किसान मंडियों में उपज बेचेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उड़द पर प्रति किसान प्रति क्विंटल छह सौ रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम में उपार्जन करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने यह जानकारी सोमवार को विधानसभा में दी।

वर्ष 2026 ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित

उन्होंने कृषि पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। किसान को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता की तरह उद्यमी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश को खाद्यान्न उत्पादों का हब बनाया जाएगा। सोयाबीन में समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए 6.86 लाख किसानों को 1,492 करोड़ रुपये का भावांतर दिया गया। इस योजना को पूरे देश में सराहा गया। इसे आगे बढ़ाते हुए सरसों में भी लागू किया जा रहा है।

दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन और केंद्र को भेजे गए उपार्जन प्रस्ताव

अभी मंडी में सरसों का भाव 5,500 से 6,000 के बीच चल रहा है। इसका समर्थन मूल्य 6,200 रुपये है। इसमें भावांतर लागू किए जाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया है। प्रदेश में सरसों के क्षेत्र में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादन 15.71 लाख टन होने का अनुमान है। दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। वैसे भी प्रदेश में बिजली और पानी की कोई कमी नहीं है। ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति क्विंटल छह सौ रुपये बोनस दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर के उपार्जन का प्रस्ताव भी भेजा है। इसमें 6.45 लाख टन चना और एक लाख टन मसूर शामिल है। इसी तरह तुअर भी प्राइस सपोर्ट स्कीम में खरीदा जाएगा।

विपक्ष ने उठाए बिजली और गेहूं पंजीयन के मुद्दे

इस पर प्रतिपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि 12 घंटे बिजली किसानों को मिलनी चाहिए। मक्का खरीदने का प्रस्ताव ही सरकार ने भारत सरकार को नहीं भेजा। गेहूं का पंजीयन सही नहीं हो रहा है। सर्वर डाउन होने की शिकायतें मिल रही हैं।

Related Articles

Back to top button