छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

बिग ब्रेकिंग -खारुन नदी में मिले शव का हुआ खुलासा: ऑटो चालक की पत्नी ने अपने प्रेमी से कराई पति की हत्या

सच तक इंडिया रायपुर। दिनांक 10.06.2024 को डायल 112 में इवेंट प्राप्त हुआ कि खारुन नदी में एक मृत व्यक्ति उफला देखा गया है मौके पर जाकर देखा तो खारुन नदी पुल पिलर नंबर 4=5 के मध्य केसरी बगीचा भाठा गांव में एक अज्ञात पुरुष की लाश नदी में उफली है मौके पर गोताखोर बुलवाकर शव को बाहर निकलवाया शव को देखने पर अज्ञात मृतक पुरुष का हुलिया मध्यम हस्तपुस्ट बदन, उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष,सिर के बाल छोटे, हल्की दाढ़ी मूछ, नाक मुंह से रक्त निकला, दाहिने आंख के नीचे काला मस्सा, दाएं गले में अंग्रेजी में गोदना से एम लिखा है।

दाएं भुजा में शिव जैसे टैटू बना, पीला रंग का शर्ट,सामने अंग्रेजी में INS CONNECTION लिखा है,एक हाथ की कलाई के ऊपर अंग्रेजी में KAVITA लिखा है, कमर के नीचे काला फुल पैंट तथा लाल रंग का बेल्ट पहना है,आसपास के लोगों को बुलवाकर पहचान करने का प्रयास किया गया किंतु शव की शिनाख्ती नहीं हुई है, सूचना पर थाना पुरानी बस्ती में मर्ग क्रमांक 33/2024 पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया।

मर्ग जांच के दौरान अज्ञात शव की पहचान करवाई हेतु लगातार नदी के आसपास के ग्रामों में टीम बनाकर भेजी गई परंतु कोई पहचान नहीं होने से पहचान हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया जिसके माध्यम से अज्ञात शव का पहचान विधाता यादव पिता जुगरात यादव उम्र 30 वर्ष निवासी सन्यासी पर मुस्कान दुकान के पास खमतराई थाना खमतराई जिला रायपुर के रूप में हुई परिजनों के उपस्थिति में शव पंचनामा कर दिनांक 13.06.2024 को एम्स अस्पताल में शव परीक्षण कराया गया।

दिनांक 14.06.2024 को शव प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जिसमें विधाता यादव की मौत सिर के पीछे किसी सख्त एवं भोथले वस्तु से बलपूर्वक चोट पहुंचने से होना पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 255/2024 धारा 302, 201 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए सायबर सेल रायपुर व थाना पुरानी बस्ती द्वारा टीम गठित कर घटना स्थल के आस पास के अनेको सी. सी.टी.वी. फूटेज व मृतक के करीबियों के मोबाइल नंबरों को खंगालने पर पाया गया की विधाता यादव की पत्नी विधाता यादव के आटो मालिक से मोबाइल पर बात करती है व घटना स्थल पर आटो मालिक अमजद खान का लोकेशन पाए जाने से अमजद खान को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि विधाता यादव ऑटो चलाने का काम करता था।

वह ऑटो किराए पर लेकर आटो चलाता है। डेढ़ वर्ष पूर्व विधाता यादव की पत्नी मीना यादव से ऑटो मलिक अमजद खान की बात होने लगी वे एक दूसरे से प्यार करने लगे और उन दोनों के मध्य शारीरिक संबंध स्थापित होते गया आज से चार पांच माह पूर्व अमजद खान अपने नाम का एक मोबाइल फोन और अपने नाम का एक सिम मीना यादव को दिया जिसे दोनों बात करते थे इसी मध्य विधाता यादव को अपनी पत्नी मीना यादव व ऑटो मलिक अमजद खान के मध्य संबंध का पता चलने पर वह अपनी पत्नी मीना यादव के साथ गाली-गलौच कर मारपीट करने लगा तथा अपने मालिक अमजद खान के साथ भी गाली गलौज करता था।

मीना यादव आरोपी प्रेमी अमजद खान के साथ जीवन बिताना चाहती थी इसलिए वह अमजद खान को कहने लगी कि अपने पति से परेशान हो गई हूं उसे रास्ते से हटाना है आरोपी प्रेमी तैयार हो गया और विधाता यादव की हत्या करने के लिए योजना बनाने लगा और उसने हत्या को अंजाम देने के लिए अपने ऑटो चालक अन्नू प्रजापति को योजना से अवगत कराकर अपने साथ दिनांक 09.06.2024 की रात्रि को दारू पार्टी करने के बहाने अपने गैरेज पर में विधाता यादव को बुलाया और अनु प्रजापति के साथ उसके ऑटो में लेकर पुलिस लाइन के पास शराब दुकान से शराब लेकर खुड़मुड़ा घाट पुल के ऊपर भाटा गांव ले गया तब तक रात हो चुकी थी।

तीनों मिलकर शराब पिए लगभग 9:30 बजे के आसपास अमजद खान ने ऑटो में रख लोहे की पटिया से विधाता यादव के सिर के पीछे गंभीर चोट पहुंचाया जिससे विधाता यादव जमीन पर गिर गया अमजद खान तथा अनु प्रजापति मिलकर उठाकर विधाता यादव को पुल से नीचे पानी में फेंक दिए घटनाक्रम के दौरान विधाता की पत्नी मीना यादव लगातार फोन से अपने प्रेमी अमजद के साथ संपर्क में रही और जानने का प्रयास करती रही की पति विधाता यादव का काम तमाम हुआ कि नहीं अमजद के बताने के बावजूद उसकी पत्नी विश्वास नहीं कर रही थी की विधाता यादव अब इस दुनिया में नहीं रहा।

दूसरे दिन सोमवार को मीना यादव अपने प्रेमी अमजद को जिद करने लगी यदि तू विधाता को मारे हो तो उसकी लाश दिखाओ इस बात पर दोनों स्कूटी से पुनःखुडमुड़ा घाट घटना स्थल गए जहां खारुन नदी में विधाता की शव को उपले देखने के बाद विश्वास की विधाता का काम तमाम हो गया है। आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत पाए जाने से दिनांक 16.06.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

साइबर सेल से निरीक्षक प्रवेश पांडे, सहायक उप निरीक्षक मंगलेश्वर परिहार, संतोष सिंह प्रधान आर गुरु दयाल सिंह, अनिल पांडे, आरक्षक भूपेंद्र मिश्रा, प्रशांत शुक्ला, कमल धनगर, हरजीत सिंह, बसंती मौर्य लालेश नायक थाना पुरानी बस्ती से निरीक्षक योगेश कुमार कश्यप, उपनिरीक्षक गणेश राम साहू, प्रधान आरक्षक सुभान खान, आरक्षक विपिन शर्मा दिलीप बघेल सुनील शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button