बिलासपुर ट्रेन हादसे में लोको पायलट समेत 11 मरे, 10 घंटे चला रेस्क्यू
बिलासपुर-गतौरा के बीच हुए भीषण ट्रेन हादसे में अब तक लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है. जानिए 10 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में कल से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ, और रेल व राज्य सरकार ने क्या मुआवज़े की घोषणा की.

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बिलासपुर और गतौरा स्टेशन के बीच हुए भीषण ट्रेन हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. कल देर शाम हुए इस हादसे में अब तक लोको पायलट समेत 11 यात्रियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है. यह हादसा इतना भयानक था कि पूरी रात 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. अंधेरे के बीच यात्री, जो ट्रेन के मलबे में फंसे थे, मदद के लिए गुहार लगा रहे थे. इस भयावह मंजर को जिसने भी देखा, वह सिहर उठा. रात भर NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार काम करती रहीं, लेकिन मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
10 घंटे चला मौत से जिंदगी का संघर्ष
कल शाम से लेकर आज सुबह तक यह पूरा क्षेत्र एक इमरजेंसी ज़ोन बना रहा. 10 घंटे तक चले इस लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया. दुख की बात यह है कि मरने वालों में ट्रेन के लोको पायलट भी शामिल हैं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.
जो यात्री इस हादसे में बच गए हैं, वे गहरे सदमे में हैं. उन्होंने अपनी आँखों के सामने अपनों को खोया है और इस मंजर को भुलाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा. रेल प्रशासन और राज्य सरकार दोनों ने ही इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त किया है और मुआवज़े की घोषणा की है.



