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देश में हथियारबंद नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर कल बस्तर में.. ‘रेड कार्पेट’ बिछाकर होगा स्वागत, जानें कितनी होगी माओवादियों की संख्या..

 

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जगदलपुर: नक्सल प्रभावित राज्यों में नदी पैमाने पर नक्सली और उनके सीनियर नेता आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में माओवादी संगठन के केंद्रीय स्तर के सदस्य और पोलित ब्यूरो मेंबर भूपति उर्फ़ वेणुगोपाल राव उर्फ़ सोनू दादा ने करीब 60 माओवादियों के साथ हथियार समेत आत्मसमर्पण किया था। इस दौरान सीएम फडणवीस ने सभी को संविधान की प्रतियां सौंपते हुए उनका मुख्यधारा में स्वागत किया।

इसके ठीक बाद छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों की घर वापसी कराई गई। बताया गया कि, कांकेर जिला भी नक्सल मुक्त होने की कगार पर है। पखांजूर में 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। कामतेड़ा BSF कैंप में नक्सलियों ने हथियार डाले थे। सुकमा के बाद कांकेर में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर हुआ। BSF कैंप में हाई अलर्ट जारी किया गया है। कटगांव में नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

बात आज की करें तो दोपहर 2 बजे बस्तर में कई नक्सली छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में आत्मसमर्पण करेंगे। इस मौके पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. भी मौजूद रहेंगे।

रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत’ : विजय शर्मा

इसी तरह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हथियारों के साथ सरेंडर कल होगा। आत्मसमर्पण का कार्यक्रम मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की मौजूदगी में जगदपुर में संपन्न होगा। जानकारी के मुताबिक नक्सली कमांडर रूपेश की अगुवाई में करीब 140 से ज्यादा नक्सली सरेंडर करेंगे। संभवतः यह देश में हथियारबंद नक्सलियों का का सबसे बड़ा समर्पण होगा। इनमे 100 से ज्यादा नक्सली घातक हथियारों के साथ पहुंचेंगे। इन हथियारों में एके-47, एसएलआर, थ्री नोट थ्री, बीजेएल जैसे हथियार शामिल है। विजय शर्मा ने बताया कि, हम नक्सलियों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे
बात आज की करें तो दोपहर 2 बजे बस्तर में कई नक्सली छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में आत्मसमर्पण करेंगे। इस मौके पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. भी मौजूद रहेंगे।
अमित शाह ने बताया ‘मील का पत्थर’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को देश भर में नक्सल और माओवादी नेताओं द्वारा किए गए सरेंडर की तारीफ की। उन्होंने इसे नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने के सरकार के चल रहे कोशिशों में एक “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गिरावट पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या छह से घटकर तीन हो गई है, जबकि कुल प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 हो गई है।

उन्होंने कहा, “आतंकवाद मुक्त भारत के लिए मोदी जी के दृष्टिकोण के तहत, अथक आतंकवाद विरोधी अभियान और जन-केंद्रित विकास वामपंथी उग्रवादियों के लिए जगह कम कर रहे हैं, जिससे उनके छिपने की कोई जगह नहीं बची है। 31 मार्च, 2026 तक भारत नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो जाएगा।”

बुधवार को बड़े पैमाने पर नक्सलियों ने किया सरेंडर
बता दें कि, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 40वीं बटालियन के कामटेरा शिविर में 39 महिलाओं सहित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 50 कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।

यह सरेंडर सीनियर माओवादी नेता राजमन मंडावी और राजू सलाम की अगुवाई में हुआ। दोनों माओवादी दक्षिण क्षेत्रीय समिति (एसजेडसीएम) के सदस्य थे। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने 39 हथियार सौंपे। इनमें 7 एके-47 राइफलें, 2 एसएलआर, 4 इंसास राइफलें, 1 इंसास एलएमजी और 1 स्टेन गन शामिल हैं। वही कल किये गए सरेंडर से अलग आज भी माड़ के दक्षिण में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है।

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