जबलपुर में जिन डॉक्टर का हो गया निधन, उनके मोबाइल से आईएमए अध्यक्ष को मैसेज भेजकर अपहरण की धमकी

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
जबलपुर। राइट टाउन निवासी डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति विवाद और मौत से जुड़े घटनाक्रम में अब नया घटना सामने आई है। डॉ. श्रीवास्तव के मोबाइल फोन से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्थानीय शाखा की अध्यक्ष को लगातार धमकी भरे अंदाज में उलाहना के संदेश पहुंच रहे हैं। आईएमए अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा को नए भेजे गए संदेश में अत्याचारी बताते हुए अपहरण की धमकी दी गई है।

डॉ. श्रीवास्तव के मोबाइल फोन से भेजे गए कुछ संदेशों में डॉ. सुमन अग्रवाल, डॉ. मुखर्जी, डॉ. तरुण के नामों का भी उल्लेख है। डॉक्टरों को सफेदपोश षड्यंत्रकारी बताया गया है। मामले में बुधवार की रात को मदन महल थाना में एफआईआर पंजीबद्ध की गई है।
आईएमए अध्यक्ष का आरोप है कि उन्हें यह संदेश डॉ हेमलता के मोबाइल नंबर से छोटी बहन कनकलता मिश्रा भेज रही है। डॉ. हेमलता का मोबाइल माउंटआबू निवासी कनकलता के पास है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लगातार पहुंच रहे ऐसे संदेश
आईएमए अध्यक्ष के मोबाइल पर डॉ. हेमलता के नंबर से पहली बार 21 मार्च को आपत्तिजनक एवं श्रापित करने वाले संदेश पहुंचे थे। फिर इसी प्रकार के संदेश उनके पास लगातार तीन दिन तक पहुंचते रहे। इन संदेशों में लिखा है कि उन सभी सफेदपोश अत्याचारियों को श्राप लगेगा, जिन्होंने डॉ. हेमलता को अगवा किया। प्यास से तड़पाया। भूखा रखा। वृद्ध लाचार महिला को भीड़ के साथ जबरदस्ती घर में घुसते हैं, डॉ. मुखर्जी, डॉ. सुमन अग्रवाल, डॉ. तरुण, डॉ. सुमन और डॉ. तरुण।
20 दिनों तक वेंटीलेटर में दुर्दशा करने का मजा लेते हैं। पोस्टमार्टम कर मृत देह की छीछालेदर कर मर्चुरी में रखवा देते हैं। डॉ. ऋचा ने मेरी शिकायत पुलिस में की है। दीदी (डा. हेमलता) का अपहरण करते समय आपने और डा. सुमन ने मुझे बद्दुआ ही दी थी। खैर हमारी दुआएं लीजिए। ईश्वर आप और आपके सफेदपोश संगी साथी दीर्घायु हो और आपके अपहरण के बाद आप सभी को शानदार आईसीयू के वेंटीलेटर में 20 नहीं दो सौ दिन का आराम मिले। फिर पीएम और मर्चुरी में रहे।
आईएमए के हस्तक्षेप के बाद उजागर हुआ जमीन हड़पने का खेल
डॉ. हेमलता के अस्वस्थ होने पर 22 जनवरी को एक संस्था अपने साथ लेकर जा रही थी। पदाधिकारियों का दावा था कि डॉ. हेमलता की संपत्ति की वसीहत भी संस्था के नाम है। तब अस्वस्थ डॉ. हेमलता को अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने पर आईएमए ने आपत्ति की थी। उनकी संपत्ति को हड़पने के प्रयास किए जाने के आरोप लगे थे।
मामले में डॉ. ऋचा शर्मा के पत्र के बाद प्रशासन और पुलिस ने डॉ. हेमलता को मेडिकल अस्पताल में निगरानी रखा था। इसी दौरान प्रशासनिक जांच में दान पत्र के जरिए डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी डॉ. प्राची जैन द्वारा धोखाधड़ी करते हुए डॉ. हेमलता की संपत्ति का बड़ा भाग हड़पने का खुलासा हुआ था। जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। संपत्ति विवाद के बीच 15 फरवरी को डॉ. हेमलता की मेडिकल अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।



