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ग्वालियर में जगह-जगह PNG की लाइन, फिर भी कनेक्शन लेने से क्यों कतरा रहे लोग

 

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ग्वालियर। शहर के 70 प्रतिशत क्षेत्र में 800 किमी लंबाई की पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की पाइप लाइन डली हुई हैं। बावजूद इसके पीएनजी के शहर में महज 50 हजार उपभोक्ता ही हैं। यानी सुविधा होने के बाद भी शहर के लोगों ने पीएनजी कनेक्शन नहीं लिए और एलपीजी सिलिंडरों का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन अब शहर के वे उपभोक्ता, जिनके घरों के पास से पीएनजी की लाइन निकली है तो उन्हें कनेक्शन लेना होगा और एलपीजी कनेक्शन को छोड़ना होगा। यहां बता दें कि शहर में एलपीजी के पांच लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।

केंद्र सरकार ने नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूसन आर्डर 2026 जारी किया है, जिसमें साफ किया है कि जहां पर पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है वहां के उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेना ही पड़ेगा। उपभोक्ताओं को तीन महीने के अंदर एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी एलपीजी सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

बता दें कि पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव की वजह से शहर के एलपीजी उपभोक्ता परेशान हुए, लेकिन पीएनजी उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं हुई। उनके यहां गैस की आपूर्ति लगातार होती रही।

सुरक्षा में सबसे आगे

एलपीजी की तुलना में पीएनजी को अधिक सुरक्षित माना जाता है। पीएनजी हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह फर्श पर जमा होने के बजाय हवा में ऊपर उड़कर फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। पाइप में गैस का दबाव बहुत कम होता है, जो घरेलू उपयोग के लिए काफी सुरक्षित है।

कनेक्शन लेने पर ऑफर भी

वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन लेते हैं तो 500 रुपये का फायदा मिल रहा है। यह फायदा पहली बिलिंग पर मिलेगा। यानी कुल बिल में से 500 रुपये कम हो जाएंगे।

यह फायदा है पीएनजी कनेक्शन लेने पर

  • सिलिंडर खत्म होने का झंझट खत्म: सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिलिंडर बुक करने या उसके खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। यह नल के पानी की तरह पाइप के जरिये चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है। इससे खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म होने का डर नहीं रहता
  • पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान: सिलिंडर के लिए आपको एडवांस में रुपये देने पड़ते हैं, जबकि पीएनजी में बिजली के बिल की तरह व्यवस्था होती है। आप जितनी गैस खर्च करेंगे, महीने के अंत में सिर्फ उतने का ही बिल आएगा
  • बजट में किफायती: आमतौर पर पीएनजी, एलपीजी सिलिंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है। इसमें सिलिंडर की बुकिंग, डिलीवरी चार्ज देने का कोई चक्कर नहीं होता। साथ ही, इसमें गैस की चोरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
  • गह की बचत और सुविधा: किचन में भारी-भरकम सिलिंडर रखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे रसोई में जगह बचती है। सिलिंडर को बार-बार उठाने या बदलने की शारीरिक मेहनत से भी मुक्ति मिलती है।

कनेक्शन लेने से इसलिए कतराते हैं लोग

  • पीएनजी कनेक्शन के लिए 5599 रुपये फीस जमा करनी पड़ती हैं। जबकि एलपीजी में एक सिलिंडर के लिए 1200 से 1800 में कनेक्शन मिल जाता है।
  • पीएनजी कनेक्शन के लिए मुख्य पाइपलाइन से घर की रसोई तक पाइप की फिटिंग करनी पड़ती है। लोगों की धारणा है कि कहीं यह गैस लीक न हो जाए और खतरा न पैदा हो जाए।
  • एलपीजी से जब उनका काम चल रहा है तो वे स्वत: पीएनजी पर जाना नहीं चाहते।

जल्द ही पूरे शहर में हो जाएगी पीएनजी की लाइन

शहर के 70% क्षेत्र में पीएनजी की पाइपलाइन पहुंच चुकी है। जल्द पूरे शहर में पीएनजी लाइन हो जाएगी। कोई भी उपभोक्ता गैस कंपनी के आफिस या पोर्टल पर आवेदन कर सकता है। जहां पर पाइपलाइन मौजूद हैं, वहां पर जल्द से जल्द कनेक्शन कर देते हैं। अभी नया कनेक्शन लेने पर पहली बुकिंग में 500 रुपये की छूट देने का आफर भी चल रहा है। गौरव यादव, मार्केटिंग मैनेजर, अवंतिका गैस।

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