मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोईया कोपिछले 3 माह से मानदेय नहीं मिला, छत्तीसगढ़ के सभी जिले में रसोईया एवं समूह संचालक परेशान!

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महासमुंद। जिले में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोईया बहनों को स्कूल खुलने के बाद 16 जून से अब तक पिछले तीन माह का पैसा नहीं मिला है। 11 सितंबर को डीपीई मंत्रालय से पैसे का आवंटन जारी हो चुका है, लेकिन आज 23 सितंबर लगभग 12 दिन बीत जाने के बाद भी छत्तीसगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रसोईया के खातों में एवं मध्यान्ह भोजन सामग्री प्रदान करने वाले समूह संचालकों के खातों में पैसा नहीं डाला गया है।

समूह संचालक बेहद परेशान हैं!
समूह संचालकों का कहना है कि खाते में पैसा नहीं आया है, तो मध्यान्ह भोजन की सामग्री कैसे खरीदें? वहीं रसोईया बहनें भी पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं।
नीलू ओगरे ने दी चेतावनी!
मध्यान्ह भोजन रसोईया संगठन की प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे ने जिला शिक्षा अधिकारी को चेतावनी दी है कि 28 सितंबर 2026, दिन सोमवार तक रसोईया एवं समूह संचालकों के खातों में पैसा नहीं डाला गया, तो छत्तीसगढ़ जिले के सभी रसोईया हड़ताल पर चले जाएंगे।
महासमुंद जिले की जानकारी:
रसोईया की कुल संख्या: 87600,कुल माध्यमिक एवं प्राथमिक शालाएं: 56895,28 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो सभी रसोईया हड़ताल में शामिल होंगे!
रसोईया संगठन की प्रमुख मांग:
1. पिछले तीन माह का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।
2. मध्यान्ह भोजन सामग्री के लिए समूह संचालकों के खातों में पैसा डाला जाए।
3. रसोईया एवं समूह संचालकों की आर्थिक परेशानी का समाधान किया जाए।



