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मारुति फाउंडेशन एवं हेरिटेज इंडिया ने फ्यूजन आर्ट 2026 साइबर जागरूकता विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया

साइबर क्राइम, फादर्स डे और योगा दिवस पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा प्रतियोगिता मे सामान्य बच्चो के साथ साथ दिव्यांग बच्चो ने भी लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा।

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छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मारुति फाउंडेशन प्रस्तुत हेरिटेज इंडिया ने फ्यूजन आर्ट 2026 प्रतियोगिता के अंतर्गत ड्रॉइंग, पेंटिंग, स्केचिंग एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से जुड़े विषयों को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत किया।


प्रतियोगिता को तीन वर्गों – लिटिल जूनियर, जूनियर एवं सीनियर – में आयोजित किया गया। बच्चों को तीन विषय दिए गए थे, साइबर क्राइम, फादर्स डे और योगा दिवस। परिणाम इस प्रकार रहे:
लिटिल जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान – विद्या यादव
जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान – आरव प्रवीण चापकर
सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान – सौम्या चौधरी
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में कला, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायकों में डॉ. तृप्ति लूनिया, सुधा गोहिल (ड्रॉइंग टीचर एवं समाजसेवी), प्रकाश शर्मा (पूर्व अध्यक्ष, प्रेस क्लब), प्रिया सिंह (अध्यक्ष, श्री मंगलमय वेलफेयर समिति एवं संस्थापक लोकतंत्र प्रहरी, प्रदेश महामंत्री धर्म जागरण, ट्रांसजेंडर समुदाय की सदस्य एवं काउंसलर) तथा डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा (मानसेवी निदेशक, महाकोशल कला परिषद, रायपुर) शामिल रहे। सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति, विषय की समझ एवं रचनात्मकता के आधार पर मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष मेघा तिवारी ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं आमजन में साइबर जागरूकता का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि संस्था केंद्र सरकार के साथ तथा साइबर एक्सपर्ट डॉ. दीपक कुमार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता संबंधी अभियान चला रही है। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मेघा तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है। ऐसे में कला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना एक प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है और संस्था इसी दिशा में निरंतर कार्यरत है।
कार्यक्रम में प्रस्तुत चित्रों, पोस्टरों एवं स्केचों ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और विषय के प्रति उनकी समझ की सभी उपस्थित अतिथियों एवं निर्णायकों ने सराहना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल एवं सीमा छाबड़ा का एवं तनुश्री दास का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने उनके सहयोग, मार्गदर्शन एवं सहभागिता के लिए विशेष आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसे सहयोग से ही सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक सफलता मिलती है।
अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, निर्णायकों, सहयोगियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाजोपयोगी विषयों पर इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का उद्देश्य कला के माध्यम से जागरूक, जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में योगदान देना रहा।

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