चुनाव स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माध्यम है, व्यक्तिगत वैमनस्य का नहीं; अफवाहों से दूर रहें चिकित्सक— डॉ. गदाधर पण्डा


रायपुर । वर्तमान में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के गठन हेतु चुनाव प्रक्रिया जारी है। इस चुनाव में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ ने प्रांतीय सहमति से प्रत्येक संभाग में अपने अधिकृत प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पण्डा ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि संगठन अपने अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में प्रदेश भर में केवल संघ के सदस्यों से ही नहीं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े समस्त पंजीकृत मतदाताओं से लोकतांत्रिक ढंग से सहयोग व समर्थन की अपील कर रहा है।
’समर्थन मांगना लोकतांत्रिक अधिकार’
डॉ. पण्डा ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव में अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन मांगना प्रत्येक संगठन व प्रत्याशी का संवैधानिक अधिकार है। परंतु, कुछ लोगों द्वारा संघ की इस लोकतांत्रिक अपील को तोड़-मरोड़ कर प्रचारित किया जा रहा है और व्यक्तिगत व संगठनात्मक छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह अनुचित व अस्वीकार्य है। ऐसे किसी भी भ्रामक प्रचार का संघ पुरजोर खंडन करता है।
’वैमनस्य नहीं, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो चुनाव’
संघ का स्पष्ट मत है कि चुनाव एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माध्यम है, व्यक्तिगत वैमनस्य का नहीं। संघ सभी प्रत्याशियों और पैनलों का सम्मान करता है, लेकिन चुनावी प्रतिस्पर्धा की आड़ में किसी चिकित्सक की व्यक्तिगत या संगठनात्मक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले तथ्यहीन आरोपों और दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रांताध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि उनके कार्यों या संगठन की निष्ठा को लेकर भ्रामक प्रचार कर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, तो उसका कड़ा विरोध व उचित कार्रवाई की जाएगी।
तथ्यों की पुष्टि की अपील
आयुर्वेद अधिकारी संघ ने प्रदेश के सभी चिकित्सक साथियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर विश्वास करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें तथा व्यक्तिगत दुष्प्रचार से दूर रहकर चुनाव को स्वस्थ, पारदर्शी व लोकतांत्रिक ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।



