महतारी वंदन:97.58% महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी, 1.58 लाख हितग्राहियों का पैसा इस बार रुकेगा

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रायपुर, महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी कराने की निर्धारित समय-सीमा 30 जून को समाप्त हो गई। प्रदेश की 65.30 लाख सक्रिय हितग्राहियों में से 97.58% यानी 63.72 लाख महिलाओं का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि करीब 1.58 लाख महिलाओं की ई-केवाईसी अब भी लंबित है। ऐसे में जिन हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, उन्हें जुलाई माह की एक हजार रुपए की किस्त जारी नहीं की जाएगी। हालांकि बाद में सत्यापन पूरा होने पर उन्हें योजना का लाभ फिर से मिल सकेगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने पिछले तीन महीने से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों और शिविरों के माध्यम से ई-केवाईसी कराई। अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे सत्यापन का आंकड़ा 97.58% तक पहुंच गया। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में 96% से अधिक तथा राजनांदगांव और रायगढ़ में 98% से ज्यादा हितग्राहियों की ई-केवाईसी हो चुकी है।
वहीं बस्तर संभाग के कुछ जिले अब भी राज्य औसत से पीछे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लंबित हितग्राहियों को आगे भी ई-केवाईसी कराने का अवसर मिलेगा, लेकिन जुलाई की किस्त केवल उन्हीं महिलाओं के खातों में जारी होगी, जिनका सत्यापन पूरा हो चुका है। जो महिलाएं अभी ई-केवाईसी नहीं करा पाई हैं, जब यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगी तो फिर उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा।
1.19 लाख हितग्रहियों की हो चुकी है मृत्यु :
महतारी वंदन योजना शुरू होने के दो वर्ष से अधिक समय में 1.19 लाख हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी है। विभाग ने इनके नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए हैं। योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी। उस समय 70.27 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद 70.09 लाख महिलाओं को पात्र मानते हुए मार्च 2024 में पहली किस्त जारी की गई। बाद में अपात्र और मृत हितग्राहियों के नाम हटने से लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 69 लाख रह गई। सरकार ने 2025 में ई-केवाईसी अनिवार्य करते हुए नवंबर 2025 तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया था। उस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग ने करीब 4 लाख हितग्राहियों की ई-केवाईसी कराई, जबकि 65 लाख से अधिक महिलाओं को खाद्य विभाग के रिकॉर्ड में उपलब्ध ई-केवाईसी के आधार पर योजना का लाभ मिलता रहा। इसके बाद सरकार ने सभी सक्रिय हितग्राहियों के लिए दोबारा ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी। इसके लिए अप्रैल 2026 में प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया गया।
महतारी वंदन योजना के लिए 30 जून तक 97% से अधिक हितग्राहियों का सत्यापन पूरा हो गया है। बस्तर संभाग में ई-केवाईसी की प्रगति अपेक्षाकृत कम रहने के कारण वहां सत्यापन अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।



