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केशकाल बायपास परियोजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण 8,159 पेड़ों की बलि, आम आदमी पार्टी ने की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

 

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रायपुर/केशकाल: आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव हरेश चक्रधारी ने केशकाल बायपास परियोजना में अलाइनमेंट की बड़ी चूक के कारण हजारों पेड़ों की अवैध कटाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बताया है।

मुख्य बिंदु: अलाइनमेंट की बड़ी चूक: नेशनल हाईवे और वन विभाग की लापरवाही से गलत अलाइनमेंट पर 8,159 हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया।

पर्यावरण पर दोहरा वार: अब परियोजना को सही अलाइनमेंट पर शुरू करने के लिए फिर से लगभग 6,336 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है, जिससे बस्तर की हरियाली पर दोहरा संकट आ गया है।

जनता के पैसे की बर्बादी: 10 साल की देरी के कारण इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर लगभग 308 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो सीधे तौर पर जनता की गाढ़ी कमाई का नुकसान है।

जिम्मेदारों की चुप्पी: आश्चर्य की बात है कि 11 किलोमीटर लंबे बायपास में 5 से 6 किलोमीटर तक गलत कटाई होती रही, लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया।

हरेश चक्रधारी का बयान:

“यह केवल एक ‘चूक’ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की बू दे रहा है। बिना मौके पर सत्यापन किए हजारों पेड़ों को काट देना वन विभाग और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत को दर्शाता है। एक तरफ हम पर्यावरण बचाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की लापरवाही से 8,159 पेड़ों की ‘हत्या’ कर दी गई और अब 6,000 से अधिक और पेड़ों को काटने की तैयारी है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि इस मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।”

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषियों को बचाया गया और पर्यावरण संरक्षण के ठोस उपाय नहीं किए गए, तो पार्टी जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।

 

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