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चांपा में 26 को होगा देश के क़ई प्रांतों के पत्रकारों का महासंगम

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छत्तीसगढ़ सहित दिल्ली, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार एकसाथ आपस में साझा करेंगे अपने पत्रकारिता जीवन के अनुभव

पत्रकारिता की बारीखियों से रूबरू होंगे छत्तीसगढ़ के पत्रकार।

पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर, राजेश बादल जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा सहित देश के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकारों के अपने अनुभवों की पाठशाला मे प्रशिक्षित होंगे छत्तीसगढ़ के पत्रकार।

चांपा-जांगगीर । छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ के तत्वावधान में 26 फरवरी रविवार को चांपा के हॉटल रंगमहल में प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन/कार्यशाला एवं सम्मान समारोह-2023 का आयोजन किया जा रहा है । छत्तीसगढ़ सहित दिल्ली, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार अपने पत्रकारिता जीवन केअनुभवों को आपस में साझा करेंगे ।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में व्याख्यान हेतु देश के नामचीन वरिष्ठ पत्रकारों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। जो अपने पत्रकारिता जीवन के अनुभवों की पाठशाला/कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के पत्रकार प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे जिससे उनकी लेखनशैली और वाकपटुता में अमूलचूल परिवर्तन आयेगा ।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज गोस्वामी ने आयोजन के संबंध मे जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन का मूल स्वरूप प्रादेशिक कार्यशाला है, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक जिलों के शहरी ग्रामीण आंचलिक पत्रकार भाग लेंगे। कार्यशाला का विषय ”पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार और चुनौतियां” निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम मे उक्त विषय पर कार्यशाला व परिचर्चा होगी। साथ ही अतिथियों और पत्रकारों के बीच खुला संवाद स्थापित होगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से स्वाधीनता आंदोलन में पर्दे के पीछे अनगिनत किरदारों की गवाही को अपने दस्तावेजों में दर्ज करने वाले देश के ख्यातिनाम वरिष्ठ पत्रकार ,भारत सरकार के सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से सम्मानित श्री विजय दत्त श्रीधर (संस्थापक, माधवराव सप्रे समाचार संग्रहालय एवं शोध संस्थान भोपाल) , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जनक राज्यसभा टेलीविजन दिल्ली के पूर्व एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजेश बादल जी , नेशनल फेडरेशन आफ मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा जी, उड़ीसा राज्य में हिंदी पत्रकारिता के जनक डा. सुशील दाहिमा (वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, कवि एवं कथाकार उड़ीसा), डा.सतीश जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार, श्री सुभाष त्रिपाठी, संपादक दैनिक बयार रायगढ़, महाराष्ट्र वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निशांत भाई कांबले, डा.शाहिद अली, विभागाध्यक्ष, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ बतौर अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट पत्रकारिता करने वाले दो पत्रकारों को प्रदेश स्तरीय सम्मान क्रमशः गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान एवं माधवराव सप्रे सम्मान -2023 से अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी संघ द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में पत्रकार संघ की वार्षिक आमसभा व संघ की भावी योजनाओं, पदाधिकारियों के चुनावों पर विचार विमर्श किया जाएगा । सभी पत्रकार साथियों से कार्यक्रम में उपस्थिति होकर अनुभवी अतिथि वरिष्ठ पत्रकारों की कार्यशाला/पाठशाला का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।

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‘रोजगार आंदोलन’ का अगला चरण 26 नवंबर से, आंदोलन से पहले देश भर में किया जायेगा जनसम्पर्क अभियान

देशभर में लोकसभा एवं जिला स्तर पर रोजगार आंदोलन समिति का गठन किया जायेगा

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संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति देश किया सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेज में राष्ट्रीय रोजगार नीति के बारे में लोगों को जागरूक करेगी

रायपुर। संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति द्वारा राष्ट्रीय रोजगार नीति कानून बनाकर संसद से पास करने हेतु 16 अगस्त से 22 अगस्त तक रोजगार आंदोलन हुआ। इस रोजगार आंदोलन के दौरान देश भर से आये प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की ।
कांस्टीट्यूशन क्लब में संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति की 22 अगस्त को बैठक संपन्न हुई जिसमें दिल्ली के केबिनेट मंत्री फाउंडर देश की बात फाउंडेशन गोपाल राय भी सम्मिलित हुए ।

राष्ट्रीय रोजगार नीति कानून बनाकर संसद से पास कराने हेतु माननीय प्रधान मंत्री व् अन्य केंद्रीय मंत्रियों को ज्ञापन सौपा गया। संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति द्वारा राष्ट्रीय रोजगार नीति का ड्राफ्ट केंद्रीय सरकार को सौंपा गया है। सरकार चाहे तो उसमे संशोधन करके लागू कर सकती है जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा अगर राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू नहीं होगी तो रोजगार आंदोलन का अगला चरण 26 नवंबर से शुरू किया जायेगा। यह बात आज संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर कृष्णा यादव ने प्रेस वार्ता में बताई। इससे पहले संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति की बैठक आज कंस्टीटूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में हुयी एवं सभी संगठनो से चर्चा करके आगे की रणनीति बनायीं गई जिसके तहत अब पुरे देश में जनसम्पर्क अभियान के द्वारा इस आंदोलन के बारे में लोगो को अवगत कराया जायेगा। कृष्णा यादव ने बताया की लोकसभा एवम जिला स्तर पर रोजगार आंदोलन समिति का गठन किया जायेगा। उन्होंने आगे कहा की समिति सभी शिक्षण संस्थाओं, यूनिवर्सिटी कॉलेज में में राष्ट्रीय रोजगार नीति के बारे में जागरूक अभियान चलाएगी और सभी लोकसभा क्षेत्र में रोजगार संसद/ संवाद का आयोजन किया जायेगा जिसमे संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति से जुड़े संगठन एवं राज्यसभा , लोकसभा सांसदों को भी उस कार्यक्रम में आमंत्रित करके राष्ट्रिय रोजगार नीति कानून बनवाने में उनका सहयोग माँगा जायेगा।

कृष्णा यादव ने कहा कि अगले चरण का आंदोलन शुरू करने से पहले पुरे देश में जनसम्पर्क अभियान तेज़ किया जायेगाऔर इस अभियान को गाँव स्तर तक लेकर जायेगे। संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति द्वारा आंदोलन का प्रथम चरण 16 अगस्त से 22 अगस्त तक चला और इसमें देश भर के लोगों ने हिस्सा लिया। जैसे जैसे लोगों को पता चला की रोजगार आन्दोयलन शुरू हो रहा है वैसे ही रोजगार आंदोलन में लोगों की भागीदारी बढ़ती गयी। 16 अगस्त को हमने तिरंगा पदयात्रा नंदनगरी से जंतर मंतर तक शुरू किया लेकिन पुलिस द्वारा उसे गोकलपुरी में ही रोक दिया गया। फिर भी देश भर से आये प्रतिनिधियों का उत्साह काम नहीं हुआ और कार्यक्रम स्थल पर ही वो लगातार क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।

इस रोजगार आंदोलन में पुरे देश से लगभग 200 से ज़्यादा संगठनो के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी लोगों ने एक सुर में यह बात बोला की देश को आज़ादी मिले 75 साल होगये लेकिन किसी भी सरकार ने राष्ट्रीय रोजगार नीति का मुद्दा न तो उठाया है न इसपर कोई चर्चा की है। वर्त्तमान में सभी सेक्टर के लिए एक समग्र पालिसी बनाने की ज़रुरत है। राष्ट्रीय रोजगार नीति आज के वक्त की मांग है और राष्ट्रीय रोजगार नीति कानून बनाकर इसको लागू करके ही बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है। आज देश के शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर लगभग 9 प्रतिशत है और ग्रामीण इलाकों में 7 प्रतिशत है अगर इसपर ध्यान नहीं दिया गया तो यह प्रतिशत और बढ़ सकती है।

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