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राज्यगीत की शानदार प्रस्तुति, खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने बटोरी वाहवाही

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खैरागढ़। श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर के स्थापना दिवस के अवसर पर सद्गुरु प्राकट्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ.शिव डहरिया समेत कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्वान, लेखक, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस अवसर पर कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की तरफ से दी गई प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ की राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ और ‘सर्वत्र राममयम’ की दो शानदार प्रस्तुतियां दी गईं।

उल्लेखनीय है कि सुविख्यात साहित्यकार एवं कवि स्वर्गीय डॉक्टर नरेंद्र देव वर्मा द्वारा रचित राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को खैरागढ़ विश्वविद्यालय की कुलपति व प्रख्यात लोक गायिका पद्मश्री डॉ ममता (मोक्षदा) चंद्राकर ने स्वर दिया है। इसे 2019 में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यगीत के रूप में अंगीकृत किया है। अरपा पैरी के धार और सर्वत्र राममयम की शानदार प्रस्तुति विश्वविद्यालय के भरतनाट्यम विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शेख मेदिनी होम्बल के निर्देशन में दी गईं।

आपको बता दें कि शेख मेदिनी होम्बल मध्यभारत में भरतनाट्यम को प्रसिद्ध करने वाले होम्बल घराने की तीसरी पीढ़ी हैं और लगभग 12 वर्षों से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के भरतनाट्यम विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्त हैं। इन प्रस्तुतियों में नृत्य संरचना उन्हीं डॉ. मेदिनी की है। प्रस्तुत करने वालों में स्वयं शेख मेदिनी, राजेंद्र कुमार, आसिफ हुसैन, अस्मिता तिवारी, द्रोपति मानिकपुरी, वसुधा श्रीवास्तव, तोषिता असाटी, मुस्कान सिंह, रुचि बंसोड़, शैली मोगरी, अंजली लोखंडे, अर्चना ठाकुर, मुस्कान, सीमा, शेख सोहेल, शिवांगी यादव, प्रिंस ठाकुर,, रोशनी देवांगन, गरिमा रात्रि, साक्षी तोकल आदि शामिल थे। इनकी दोनों प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा और खूब तालियां बजाईं।

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