दीपावली से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में एक बार फिरईडी की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-बिलासपुर-राजनांदगांव में कई ठिकानों पर दबिश

रायपुर। दीपावली से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत कई जिलों में ईओडब्ल्यू और ईडी की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी है। सुबह से ही अलग-अलग टीमों द्वारा दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अभी विस्तृत जानकारी नहीं मिल पायी है लेकिन जांच के बाद अहम खुलासे की उम्मीद है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर में 3 से 4 जगहों पर ईडी की दबिश हुई है। अनवर ढेबर के नए मकान,कटघोरा के पूर्व नपा अध्यक्ष,पुरानी बस्ती में भी किसी हवाला कारोबारी के यहां टीम तलाशी कर रही है। शुक्रवार सुबह सात बजे ईओडब्ल्यू व ईडी की टीम ने राजनांदगांव के कारोबारी जग बग्गा और वैभव गोलछा के ठिकानों पर दबिश दी। व्यापारियों के लालबाग और सनसिटी स्थित आवास में जांच चल रही है।जग बग्गा होटल, ऑटो मोबाइल और कृषि के कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं वैभव गोलछा का मुख्य कारोबार मेटल्स और रेत खदान का रहा है। दोनों ही पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबी रहे हैं।
दोनों ही कारोबारियों के लखमा परिवार से संबंध शुरू से चर्चित रहे हैं। जग बग्गा के होटल रैलीज का दिसंबर 2020 और रैलीज मोटो के प्लांट का अगस्त 2022 में उद्घाटन कवासी लखमा के ही हाथों हुआ था। वे राजनांदगांव दौरे के दौरान रैलीज होटल में ही रुकते थे। इस इलाके में कृषि जमीन के नाम पर बड़े पैमाने पर निवेश किए जाने की जानकारी आते रही है। यह कार्रवाई सीजीएमएससी और कोल मामले से जुड़ी हुई है। टीम को अहम दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। कार्रवाई अभी जारी है।ईओडब्ल्यू और ईडी दोनों ही एजेंसियां अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच के बाद कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



