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भाई की मौत का सच जानने निकले डॉक्टर से 35 लाख रुपये की ठगी, ‘चावल वाले बाबा’ पर केस दर्ज

 

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महासमुंद   छोटे भाई की संदिग्ध मौत का रहस्य जानने की कोशिश एक डॉक्टर के लिए भारी पड़ गया। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले डॉक्टर ऋषभ चौबे कथित तांत्रिक ‘चावल वाले बाबा’ के झांसे में आकर करीब 35 लाख रुपये गंवा बैठे। शिकायत के आधार पर रायपुर पुलिस ने आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल एक अन्य मामले में महासमुंद जेल में बंद है।

पुलिस के अनुसार, डॉक्टर के छोटे भाई दिव्यदेव चौबे की अगस्त 2024 में इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिचितों के माध्यम से उनकी मुलाकात कथित तांत्रिक से हुई। बाबा ने दावा किया कि वह तंत्र-मंत्र और विशेष अनुष्ठान के जरिए मौत का कारण बता सकता है, बल्कि साधना के माध्यम से मृत भाई को वापस लाने की भी बात कही।
शिकायत में बताया गया है कि शुरुआत में बाबा ने चावल और घटनास्थल की मिट्टी के आधार पर रहस्य उजागर करने का भरोसा दिलाते हुए 51 हजार रुपये लिए। इसके बाद वह अलग-अलग शहरों में पूजा और अनुष्ठान कराने के नाम पर डॉक्टर और उनके परिवार से लगातार पैसे खर्च कराता रहा। इस दौरान नकद रकम, यात्रा, होटल और अन्य खर्चों के अलावा अपने लिए महिंद्रा एक्सयूवी-700 भी खरीदवा ली। कुल मिलाकर करीब 35 लाख रुपये की आर्थिक ठगी की गई।
डॉक्टर का आरोप है कि करीब आठ महीने तक उन्हें कभी रायपुर, कभी इंदौर, कभी जयपुर, नोएडा और वृंदावन बुलाया जाता रहा। हर बार नई पूजा और नई साधना का हवाला देकर रकम ली जाती रही, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया।

आरोप है कि जून 2025 में बाबा ने इंदौर में विशेष अनुष्ठान कराने के लिए पूरे परिवार को बुलाया, लेकिन खुद वहां नहीं पहुंचा। बाद में दूसरे नंबर से संपर्क कर फिर वृंदावन आने का दबाव बनाने लगा। इसके बाद परिवार को ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित तांत्रिक परिवार पर प्रेत बाधा, बड़े अनिष्ट और कारोबार खत्म होने जैसी बातें कहकर लगातार डराता रहा। उसने यह दावा भी किया कि डॉक्टर के कारोबारी साझेदार ने करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं, जिससे उनके व्यावसायिक संबंधों पर भी असर पड़ा।  इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ठगी को उजागर किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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