स्कूल भवन जर्जर हालत में और सरकार आंख मूंदे बैठी है -मानसिंग नेताम, नारायणपुर विधानसभा अध्यक्ष, आप


कोंडागांव। विधानसभा नारायणपुर, जिला कोंडागांव, ब्लॉक मर्दापाल अंतर्गत ग्राम पंचायत तुमड़ीवाल के आश्रित ग्राम बेड़मा की स्थिति आज भाजपा सरकार के खोखले दावों की पोल खोल रही है। बेड़मा गांव की प्राथमिक शाला की हालत अत्यंत जर्जर है। पिछले 2–3 वर्षों से स्कूल का भवन पूरी तरह से खराब पड़ा है, न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही किसी वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
आज स्थिति यह है कि 24 मासूम बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। न छत है, न सुरक्षित कक्षाएं, न बुनियादी शैक्षणिक सुविधा। यह भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीति और बस्तर के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये का जीता-जागता उदाहरण है।

आम आदमी पार्टी यह स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। राज्य का पैसा दूसरे राज्यों के चुनावों में झोंक दिया जाता है, जबकि बस्तर के गांवों में बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। यही है भाजपा सरकार का असली चेहरा।
इतना ही नहीं, पुनर्वास योजना के तहत ग्राम पंचायत तुमड़ीवाल के आश्रित ग्राम बेड़मा के ग्रामीणों से कमिश्नर द्वारा गांव में आकर यह कहा गया कि यदि वे आत्मसमर्पण कर सरकार की “मुख्यधारा” में आएंगे, तो सड़क, स्कूल, पुल-पुलिया और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। ग्रामीणों ने पूरी तरह से पुनर्वास योजना के तहत आत्मसमर्पण किया, लेकिन आज तक उन्हें कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिली।
आज बेड़मा गांव में—
न शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है
न आंगनबाड़ी की सुविधा
न स्कूल की समुचित व्यवस्था
न सड़क और आवागमन का साधन
स्कूल भवन जर्जर हालत में पड़ा है और सरकार आंख मूंदे बैठी है।
भाजपा सरकार मंचों से यह दावा करती है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैला रही है और हर गांव तक सुविधाएं पहुंचा रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई इसके ठीक विपरीत है। बस्तर की जनता, खासकर आदिवासी गांवों के बच्चे आज भी बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं।
आम आदमी पार्टी और विधानसभा नारायणपुर की ओर से मांग करती हैं कि—
ग्राम बेड़मा की प्राथमिक शाला का तत्काल पुनर्निर्माण/मरम्मत कराया जाए।
बच्चों के लिए वैकल्पिक सुरक्षित भवन की तुरंत व्यवस्था की जाए।
गांव में पेयजल, आंगनबाड़ी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
पुनर्वास योजना के नाम पर किए गए वादों को तत्काल पूरा किया जाए।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी बस्तर और नारायणपुर विधानसभा में जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



