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पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पूर्व CM बघेल ने बताया भाजपा का एजेंट, खुली चुनौती देते हुए कहा….छत्तीसगढ़ के महात्माओं से शास्त्रार्थ करके दिखाएं शास्त्री !

 

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रायपुर 27 दिसंबर 2025। रायपुर पहुंचे कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गयी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र शास़्त्री को न केवल भाजपा का एजेंट बता दिया, बल्कि उन्हे खुली चुनौती भी दे डाली है। बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा कि….

:धीरेन्द्र शास्त्री भाजपा के एजेंट के रूप में काम करते हैं, यही उनका धंधा है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं, हमारे छत्तीसगढ़ में बड़े महापुरुष हैं, शास्त्री जी हमारे मठ-मंदिरों में बैठे साधु-महात्माओं के साथ शास्त्रार्थ कर के दिखाएं।”

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार के विमान से पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सतना से रायपुर पहुंचने के बाद सूबे की राजनीति गरमायी हुई है। एक तरफ जहां कांग्रेस के नेता इसे सरकारी संसाधनों का दुरूपयोग बता रही है। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर जमकर हमला बोला है। उन्होने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बैक टू बैक दो पोस्ट किये। जिसमें उनका मीडिया के साथ सवाल जवाब का वीडियों भी है। पोस्ट में बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री को बीजेपी का एजेंट बता दिया।

उन्होने अपने पहले पोस्ट पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती देते हुए लिखा कि….“धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती! धीरेन्द्र शास्त्री भाजपा के एजेंट के रूप में काम करते हैं, यही उनका धंधा है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं हमारे छत्तीसगढ़ में बड़े महापुरुष हैं, शास्त्री जी हमारे मठ-मंदिरों में बैठे साधु-महात्माओं के साथ शास्त्रार्थ कर के दिखाएं।” वहीं कुछ सेकेंड में ही उन्होने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा कि….”जब शास्त्री का जन्म नहीं हुआ था, तब से हनुमान चालीसा और बजरंग बाण पढ़ रहे हैं।

वो हमें सिखाएंगे सनातन धर्म क्या है ? मेरे ससुराल में ही पांच साधु हैं, लेकिन इनके तरह ढोंगी नहीं हैं।” पूर्व सीएम बघेल के इस बयान के बाद एक बार फिर सूबे की राजनीति गरमाने की उम्मींद है। वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कथावाचक शास्त्री को लाने राज्य सरकार का विमान भेजना प्रदेश के खजाने का दुरूपयोग है। किस संवैधानिक हैसियत के कारण उनके लिए विमान भेजा था।

सरकार इस बारे में स्पष्टीकरण जारी करे। वे हिन्दू समाज और सनातन के धर्मगुरु नहीं हैं। साथ ही सुशील आनंद ने कहा कि वे कथावाचक हो सकते हैं। टोना-टोटका करने वाले बाबा हो सकते हैं। लेकिन वे कोई धर्माचार्य नहीं है, न ही किसी शास्त्र के मान्यता प्राप्त पीठ के पीठाधेश्वर हैं। उनका आचार-विचार, व्यवहार देश की गंगा जमुनी संस्कृति के खिलाफ है। शुक्ला ने आगे कहा कि हिन्दू धर्म, सनातन धर्म जोड़ने का काम करता है। धीरेन्द्र शास्त्री तो परस्पर विद्वेष पैदा करते हैं।

 

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