सड़क से सेहत तक, पानी से परिवहन तक…रायपुर बनेगा आधुनिक महानगर, छह हजार करोड़ की योजनाओं का ब्लूप्रिंट तैयार

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रायपुर। अब सिर्फ बढ़ता शहर नहीं, बल्कि भविष्य का स्मार्ट, सुगम और व्यवस्थित महानगर बनने जा रहा है। वर्ष 2040 तक राजधानी की सूरत बदलने के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय एजेंसियां मिलकर छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रही हैं। इसके लिए बनाया गया विस्तृत ब्लूप्रिंट राजधानी के हर कोने को नई पहचान देगा।
सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, ऊर्जा और सामाजिक अधोसंरचना, हर क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है।यदि योजनाएं तय समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हुईं, तो रायपुर मध्य भारत के सबसे आधुनिक और रहने योग्य शहरों में शामिल होगा।
सड़कों पर दौड़ेगा विकास, ट्रैफिक से मिलेगी राहत
2040 के ब्लूप्रिंट में रायपुर-बिलासपुर मार्ग, जीई रोड, कैनाल रोड 2.0, सड्डू-उरकुरा रोड और खालसा स्कूल-लोदीपारा चौक जैसे प्रमुख कॉरिडोर पर 20 से अधिक फ्लाईओवर, अंडरपास और चौड़ी सड़कों की योजनाएं शामिल हैं। अकेले सड़क और जंक्शन सुधार पर 2,200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च प्रस्तावित है। इससे यातायात दबाव घटेगा, औद्योगिक क्षेत्रों से सीधा संपर्क बनेगा और प्रतिदिन सफर आसान होगा।
नगर निगम की योजनाएं
नगर निगम रायपुर ट्रांसपोर्ट नगर के विकास पर 100 करोड़, 100/150 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र पर 130 करोड़, छोकरा नाला सीवरेज सिस्टम पर 1,500 करोड़, एसटीपी-टीटीपी पर 142 करोड़, सौर संयंत्र पर 100 करोड़, तालाबों के सुंदरीकरण पर 136 करोड़ और उद्यानों के पुनर्विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च करेगा।इन योजनाओं से पानी, सफाई, हरियाली और नागरिक सुविधाओं में बड़ा सुधार आएगा।
स्वास्थ्य और सामाजिक अधोसंरचना को नई ताकत
सीजीएमएससी के तहत 410.77 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें आंबेडकर अस्पताल में 700 बिस्तर का एकीकृत अस्पताल (266 करोड़), 100 बिस्तर का सिविल अस्पताल, मानसिक चिकित्सालय और स्टेट वैक्सीन स्टोर शामिल हैं।
इसके साथ दिव्यांग पार्क (10 करोड़), डोम-स्ट्रक्चर ऑडिटोरियम (73 करोड़) और अत्याधुनिक परीक्षा केंद्र (100 करोड़) जैसे प्रोजेक्ट शहर की पहचान बदलेंगे।



