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खामेनेई की मौत के बाद सुलग रही घाटी, 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल, कैसे होगी बोर्ड परीक्षा?

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नई दिल्ली कश्मीर घाटी में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद घाटी के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूरी कश्मीर घाटी में 2 दिनों के लिए सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया है. दरअसल, श्रीनगर और बडगाम जैसे इलाकों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं.
प्रशासन का कहना है कि यह एहतियाती कदम किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टालने के लिए उठाया गया है. इससे युवाओं को विरोध प्रदर्शनों की हिंसा से दूर रखा जा सकेगा. फिलहाल पूरी घाटी में सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं और इंटरनेट सेवाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है. खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त करने और विरोध जताने के लिए जिस तरह से भीड़ उमड़ रही है, उसने प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती पेश कर दी है. इन 2 दिनों की बंदी का असर स्थानीय परीक्षाओं पर भी पड़ेगा.
कश्मीर में स्कूल क्यों बंद हुए?
ईरान के आध्यात्मिक और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन देखे गए. लोगों में आक्रोश और संवेदना का मिला-जुला असर सड़कों पर नजर आ रहा है. प्रशासन को अंदेशा है कि इन प्रदर्शनों में छात्रों की भागीदारी से स्थिति और बिगड़ सकती है. इसी रिस्क को कम करने के लिए डिविजनल कमिश्नर कार्यालय ने आदेश जारी कर सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों को भी 2 दिनों तक बंद रखने को कहा है.
स्कूलों के अचानक बंद होने से उन स्टूडेंट्स के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है, जिन्हें आज या कल में यूनिट टेस्ट देना था या अन्य कोई स्थानीय परीक्षाएं निर्धारित थीं. कई कॉलेजों ने अपनी इंटरनल परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है. शिक्षा विभाग का कहना है कि इन दो दिनों की भरपाई आने वाले दिनों में एक्स्ट्रा क्लासेस लगाकर की जाएगी, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है. वहीं, स्कूलों की छुट्टी बढ़ाने का फैसला मौजूदा हालात को देखते हुए लिया जाएगा.



