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पूर्णकालीन मांग के लिए 87 हजार रसोइयों का आंदोलन 12 और 13 जुलाई को 

 

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रायपुर। नीलू ओगरे अध्यक्ष मध्यान्न भोजन रसोइया महासंघ ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मिड-डे मील योजना) अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश 33 जिलों के 146 विकासखंडों में संचालित 45610 शालाओं में अध्ययनरत 2993170 के लिए 87026 रसोइया भोजन बनाने हेतु नियोजित किया गया है| रसोइया एवं रसोइया सह सहायिका का मानदेय वर्तमान में 1500/- प्रतिमाह है| प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केवल 10 माह के लिए ही देय होता है| यह मानदेय अत्यंत कम है, जिससे हमारी परिवार के भरण पोषण में कठिनाइयाँ आ रही है| लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने पत्र क्र./म.भो./371/लोक सुराज/2018-19/5212 दिनांक 09.05.2018 के माध्यम से जिला अध्यक्ष मध्यान्न भोजन रसोइया संघ नारायणपुर को अवगत कराया था कि रसोइयों को अकुशल श्रेणी में रखा गया तथा प्रति दिवस 2 घंटा कार्य लिया जाता है|

भारत शासन से जारी आदेश अनुसार 1 से 25 दर्ज संख्या में 1 एवं 26 से 100 तक दर्ज संख्या में 2, 101 से 200 तक दर्ज संख्या में 3 रसोइया सह सहायक रखे जाने का प्रावधान है| औसत रूप 50 दर्ज संख्या में 1 रसोइया रखा जा रहा है और 50 छात्र/छात्रों के लिए 2 घंटा में भोजन तैयार करना (सब्जी आदि की तैयारी, भोजन पकाना, परोसना, साफ-सफाई) संभव नहीं है| श्रम आयुक्त एवं सक्षम प्राधिकारी, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 01-04-2023 से 30-09-2023 के लिए जारी अकुशल श्रेणी का वेतन प्रति दिवस रु. 332/- एवं मासिक रु. 9960/- है|

अकुशल श्रेणी का वेतन प्रति दिवस (8 घंटा) रु. 332/- है| प्रति घंटा रु. 41.50/-, दो घंटा के लिए रु. 83/- होता है तथा यदि एक माह में 25 दिवस शाला लगता है तो वेतन राशि रु. 2075/- होता है परन्तु ये भी हमें नहीं मिल रहा है|

यह मानदेय अत्यंत कम है, जिससे रसोइया एवं रसोइया सह सहायिका को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है| मानदेय में बढ़ोतरी/पूर्ण कालीन किये जाने हेतु अनेक आवेदन-निवेदन किये परन्तु सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है, जिससे हम व्यथित एवं आक्रोशित है।

प्रदेश के समस्त रसोइया 12 एवं 13 जुलाई 2023 को धरना स्थल तुता नवा रायपुर में धरना प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकलेगी तथा माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पूर्ण कालीन हेतु ज्ञापन सौंपा जावेगा।

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