अफ्रीका से छत्तीसगढ़ लौटे यात्रियों में इबोला के लक्षण नहीं, 21 दिन तक रहेंगे होम आइसोलेशन में

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वर्तमान में कुल तीन यात्री अफ्रीका से आये हैं। इसमें एक कांगो से दुर्ग 31 मई 2026 को आई हैं। वहीं दो अंतर्राष्ट्रीय यात्री भिलाई में दो जून 2026 को पहुंचे। इनमें एक इथोपिया से एक युगांडा से आये हैं। नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण तीनों अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को होम आइसोलेशन में 21 दिन के लिए रखा गया हैं। जिनकी प्रति दिन सुबह एवं शाम टेलीफोन के माध्यम से स्वास्थ्य संबधित जानकारी ली जा रही है।
वर्तमान में तीनों यात्री असिम्टमैटिक एवं पूरी तरह स्वस्थ हैं। एवं उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ होने से ट्रेसिंग टीम/स्वास्थ्य विभाग/कंट्रोल रूम एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग को जानकारी देने के लिये कहा गया है।
अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर क्लिनिकल स्क्रीनिंग किया जा रहा हैं। जिसमें रिस्क कैटेगरी के आधार पर कैटेगरी एक से तीन में चिन्हांकित किया जा रहा हैं। दुर्ग जिले में आये तीनों अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण सेल्फ निगरानी अंतर्गत 21 दिन के लिये होम आइसोलेशन पर रखा गया हैं।
जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम जिला दुर्ग
डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, (मो. नं. 8103692107)- जिला सर्विलेंस अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
- डॉ. दिव्या श्रीवास्तव (मो. नं. 7224001424)- जिला टीकाकरण अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
- डॉ. रश्मि ग्लैड (मो. नं. 9926111138)- जिला मलेरिया अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
- रितिका सोनवानी (मो. नं. 8815598585)- जिला महामारी अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
इबोला वायरस लक्षण
बुखार, उल्टी, पेट दर्द, जोड़ो में दर्द, अत्यधिक थकान, सिर दर्द अधिक वाटरी डायरिया के लक्षण पाये जाते हैं।
कैसे फैलता है
संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से एवं बॉडी फ्लूइड से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं।
जांच
इसके लिए जॉच के लिए मुख्य रूप से आरटीपीसीआर जॉच किया जाता हैं।


