बिहार में पहली बार MD इमरजेंसी मेडिसिन की पढ़ाई:IGIMS में पीजी की 30 सीटें बढ़ी; हार्ट अटैक-ब्रेन स्ट्रोक के इलाज के लिए तैयार होंगे विशेषज्ञ

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बिहार। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने पटना स्थित IGIMS में 30 अतिरिक्त पीजी सीटों को मंजूरी दी है। इनमें MD इमरजेंसी मेडिसिन की 4 सीटें शामिल हैं। बिहार में इस विषय की पढ़ाई पहली बार शुरू होगी।
IGIMS में MD फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन का नया कोर्स भी शुरू होगा। इसके लिए 2 सीटें मिली हैं। दोनों नए कोर्स में कुल 6 सीटें हैं। बाकी 24 सीटें 8 पुराने विभागों में बढ़ाई गई हैं। इससे मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चुके 30 अतिरिक्त डॉक्टरों को विशेषज्ञ बनने का मौका मिलेगा। इमरजेंसी मेडिसिन के कोर्स में डॉक्टरों को सड़क हादसों, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसी स्थितियों में मरीजों को तुरंत इलाज देने और उनकी हालत संभालने की ट्रेनिंग दी जाएगी। अस्पतालों की इमरजेंसी में हर दिन गंभीर हालत में मरीज पहुंचते हैं। शुरुआती जांच, समय पर इलाज और मरीज की स्थिति संभालना जरूरी होता है। पीजी की पढ़ाई और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही इन विशेषज्ञों की सेवाएं अस्पतालों को मिल सकेंगी।
लकवा-गंभीर चोट के मरीजों को भी मिलेगा फायदा दूसरा नया कोर्स MD फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन शुरू होगा। इसके लिए 2 सीटें स्वीकृत की गई हैं। इस विषय के विशेषज्ञ लकवा, रीढ़ की चोट, नसों और मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करते हैं। स्ट्रोक के बाद चलने-फिरने में परेशानी या दुर्घटना के बाद शरीर के किसी हिस्से के काम नहीं करने जैसी स्थितियों में मरीजों को लंबे समय तक पुनर्वास की जरूरत होती है। इस कोर्स से ऐसे मरीजों के इलाज और पुनर्वास के लिए भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे।
स्त्री रोग में सबसे ज्यादा 5 सीटें बढ़ीं दो नए कोर्स के अलावा IGIMS के 8 पुराने विभागों में भी पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा फायदा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग को मिला है।
यहां 5 सीटें बढ़ाई गई हैं। जनरल सर्जरी और बायोकेमिस्ट्री में 4-4 सीटों की वृद्धि हुई है। वहीं, फिजियोलॉजी में 3 सीटें और मनोचिकित्सा, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तथा ईएनटी में 2-2 सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे इन विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने की क्षमता बढ़ेगी।
संस्थान प्रबंधन ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक प्रो. बिंदे कुमार, डीन प्रो. ओम कुमार और उपनिदेशक डॉ. विभूति सिन्हा ने सभी संबंधित विभागों को बधाई दी है।



