नई व्यवस्था:16 वार्डों के 88 हजार नल कनेक्शनों में लगे हैं मीटर, अब 54 वार्डों के 3 लाख घरों से नए मीटर लगाकर वसूलेंगे टैक्स

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रायपुर के सभी घरों में लगे नल कनेक्शनों पर जल्द ही पानी के मीटर लगाए जाएंगे और जलकर की वसूली वास्तविक खपत के आधार पर की जाएगी। इसके लिए स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन योजना के तहत लगाए गए मीटरों का ट्रायल शुरू कर दिया गया है।

फिलहाल यह परीक्षण स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड और मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड के कुछ क्षेत्रों में किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान यह आकलन किया जाएगा कि प्रत्येक परिवार की पानी की खपत कितनी है और वर्तमान व्यवस्था की तुलना में जलकर की राशि में कितना अंतर आता है। जलकार्य विभाग के अधिकारी अगले 10 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निगम आयुक्त को सौंपेंगे।
अमृत मिशन के तहत शहर में करीब 60 हजार मैनुअल मैकेनिकल मीटर लगाए गए हैं। इनकी रीडिंग के लिए निगम को अलग से मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। वहीं स्मार्ट सिटी की 24×7 जलापूर्ति योजना के तहत गंज और मोतीबाग टंकियों से जुड़े लगभग 28 हजार कनेक्शनों में चिप आधारित ऑटोमैटिक मीटर लगाए गए हैं।
इन मीटरों की रीडिंग स्वत: प्राप्त हो सकती है, जिससे अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल निगम मैनुअल मैकेनिकल मीटरों की रीडिंग का ट्रायल कर रहा है, जिसके आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी
70 वार्डों के नल कनेक्शनों पर मीटर लगाने की चुनौती
शहर में फिलहाल करीब 88 हजार नल कनेक्शनों पर ही मीटर लगे हैं, जबकि 70 वार्डों में तीन लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन हैं। ऐसे में सभी कनेक्शनों पर मीटर लगाने की बड़ी चुनौती नगर निगम के सामने होगी। इसके लिए मीटर खरीद, स्थापना और रखरखाव पर बड़ा खर्च आएगा, वहीं पूरी प्रक्रिया में समय भी लगेगा।
नागरिकों को नई व्यवस्था के प्रति भरोसे में लेना भी आसान नहीं होगा। अमृत मिशन के तहत कई वार्डों में घरों के बाहर लगाए गए मीटरों की चोरी की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में मीटरों की सुरक्षा और नियमित रखरखाव निगम के लिए अतिरिक्त चुनौती होगी।
ये है नियम… अलग-अलग कैटेगरी में दर होगी निर्धारित राजपत्र में प्रावधान के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी और खपत स्लैब के आधार पर जलकर की दर निर्धारित की जानी है। अधिकारियों की मानें तो जलकर की दर 4 रुपए से लेकर 9 रुपए प्रति किलोलीटर के आधार पर निर्धारित की जाएगी। वहीं बल्क कनेक्शन के लिए भी राजपत्र में प्रावधान के तहत ही दर तय करने की बात कही जा रही है।
अभी इतना टैक्स… 2400 रु. सालाना जलकर ले रहा निगम नगर निगम अभी घरेलू नल कनेक्शनों से 2,400 रुपए सालाना फ्लैट जलकर वसूल रहा है। जल मीटर लगने के बाद शुल्क पानी की वास्तविक खपत के आधार पर तय होगा। इससे कम पानी उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का जलकर घट सकता है, जबकि अधिक खपत करने वालों को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
निगम ने भेजा बल्क कनेक्शन लेने वाली सोसायटी को पत्र
निगम ने शहर के सभी बल्क कनेक्शन वाली सोसायटी को पत्र लिखा है। निगम रिकॉर्ड के अनुसार 160 निजी सोसायटी में बल्क कनेक्शन के माध्यम से पानी सप्लाई की जा रही है। बड़ी संख्या में शासकीय संस्थाओं ने भी बल्क में कनेक्शन लिया है। इसमें कमल विहार, इंद्रप्रस्थ, बोरियाकला सहित हाउसिंग बोर्ड शामिल हैं।
खपत के हिसाब से जलकर लगा तो कई घरों का बिल होगा कम केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी संगठन के मानकों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी की आवश्यकता मानी गई है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन 150 लीटर पानी भी उपयोग करता है, तो पांच सदस्यों वाले परिवार की दैनिक खपत करीब 750 लीटर होगी।
इस हिसाब से एक महीने में पानी की खपत लगभग 22,500 लीटर यानी 22.5 किलोलीटर तक पहुंचेगी। यदि नगर निगम जलकर की दर 6.25 रुपए प्रति किलोलीटर निर्धारित करता है, तो ऐसे परिवार का मासिक जलकर लगभग 141 रुपए और सालाना करीब 1,688 रुपए बनेगा। यह राशि वर्तमान में लिए जा रहे 2,400 रुपए के वार्षिक फ्लैट जलकर से कम है।
निगम की टीम मोतीबाग कमांड के 2 वार्ड में रीडिंग ट्रायल पर जुटी है। अभी 10 दिन की रीडिंग और ली जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट और विस्तृत प्लान तैयार कर आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही अन्य नल कनेक्शन में मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा।



