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ग्रामीण रोजगार में अब डिजिटल पहरा: फेस स्कैन से लगेगी हाजिरी, बिना ई-केवाईसी नहीं मिलेगा काम

 

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कवर्धा। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। एक अप्रैल से लागू होने जा रही विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना के तहत अब श्रमिकों की उपस्थिति फेस स्कैन के जरिए दर्ज की जाएगी।

इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन पंजीकृत श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा।

जिले में कुल 3,64,960 सक्रिय पंजीकृत श्रमिक

जिले में अब तक 97 प्रतिशत श्रमिकों का ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष श्रमिकों के लिए प्रशासन ने अंतिम चेतावनी जैसे हालात बना दिए हैं।

जिले में कुल 3,64,960 सक्रिय पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनमें से 3,52,858 श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। करीब 12 हजार श्रमिक अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं, जिसके चलते वे वर्तमान में रोजगार से वंचित हो रहे हैं।प्रशासन का कहना है कि अब बिना डिजिटल सत्यापन के किसी भी श्रमिक को काम नहीं दिया जाएगा।

डिजिटल हाजिरी अनिवार्य, पुरानी व्यवस्था खत्म

महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर लागू हो रही नई योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत एनएमएमएस एप के माध्यम से कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। यह प्रक्रिया केवल फोटो लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि फेस स्कैन के जरिए आधार डेटा से मिलान कर वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है।

जिले में मार्च से ही ऑनलाइन अटेंडेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम अनिवार्य है और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। शेष श्रमिकों से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।

घर-घर पहुंचकर हो रहा सत्यापन, तेजी से चल रहा अभियान

मैदानी स्तर पर कर्मचारियों द्वारा निर्माण स्थलों और गांव-गांव जाकर ई-केवाईसी कराया जा रहा है। पंचायत स्तर पर भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक छूट न जाए। रोजगार सहायक और सचिव को इस कार्य में सक्रिय भूमिका दी गई है।

जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी अभी बाकी है, वे अपने ग्राम पंचायत के पंचायत भवन या चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। प्रशासन ने इसे सरल और सुलभ बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

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