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48 घंटे में चार सुसाइड: कोरबा में स्टूडेंट्स ने लगाई फांसी, एक ने नोट में लिखा- शव मेडिकल कॉलेज को दे दिया जाए

 

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कोरबा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहां अलग-अलग क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर चार छात्र-छात्राओं ने फांसी लगाकर जान दे दी। इस पूरे मामले में पुलिस जांच में जुटी हुई है।

पहली घटना कोतवाली थाना अंतर्गत इंद्रानगर दुरपा वार्ड नंबर पांच की है, जहां मंगलवार को 10वीं में पढ़ने वाली 17 वर्षीय अंजली केंवट ने अपने ही घर में लगे लोहे के एंगल में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि दिलीप केवट का परिवार यहां निवास करता है, जो राजमिस्त्री का काम करता है। उनके दो बेटे और एकलौती पुत्री अंजली थी। मंगलवार सुबह दिलीप और उसकी पत्नी काम पर चले गए थे
मृतका अंजली के भाई कार्तिक ने बताया कि अंजली दुरपा रोड स्थित लवली केयर स्कूल में पढ़ाई करती थी। 10वीं बोर्ड परीक्षा होने के कारण वह स्कूल नहीं जा रही थी और घर पर ही पेपर की तैयारी में जुटी हुई थी। उसने यह घातक कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है। आशंका है कि पढ़ाई के दबाव में उसने यह कदम उठाया होगा। इस मामले में जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने बयान दर्ज कर शव का पंचनामा कार्रवाई की है।

वहीं दूसरी घटना उरगा थाना अंतर्गत धमनागुड़ी मोहार गांव की है, जहां मंगलवार को 9वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय गीता महंत नामक छात्रा ने गांव के पास तालाब किनारे पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि मंगलवार लगभग 11 बजे वह नहाने के लिए घर से अकेली निकली थी और गांव से लगे कोसम पेड़ में फांसी लगा ली। ग्रामीणों की सूचना पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।

बताया जा रहा है कि सितंबर माह में गीता की मां की अचानक तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद से वह परेशान रहने लगी थी और पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ने लगा था, जिससे वह तनाव में थी। उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर परिजनों का बयान दर्ज किया गया है।

तीसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर आईटीआई बस्ती की है, जहां बुधवार को एसईसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल में 12वीं में पढ़ने वाले 17 वर्षीय उज्जवल डनसेना उर्फ ध्रुव ने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी।

बताया जा रहा है कि उज्जवल कॉमर्स विषय से 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। वह बी सेक्शन में था और क्लास मॉनिटर भी था। बुधवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक सेंट जेवियर स्कूल में फिजिकल एजुकेशन का पेपर था, लेकिन वह परीक्षा देने नहीं पहुंचा। इस दौरान स्कूल के कुछ शिक्षक उसके घर पहुंचे। अंदर से दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। घर के अंदर तेज आवाज में टीवी और गाना चल रहा था। खिड़की से देखने पर उसकी लाश पंखे से लटकती मिली।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो अंग्रेजी में लिखा हुआ है। नोट में लिखा है कि मृत्यु के बाद उसका शव मेडिकल कॉलेज को दे दिया जाए।

वहीं चौथी घटना भी बुधवार की है, जो सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है, जहां 12वीं के छात्र ने फांसी लगा ली। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सीएसईबी कॉलोनी स्थित मकान में दीपांशु कौशिक पिता गजेंद्र कौशिक निवासरत था। घटना के समय वह घर पर अकेला था। दीपांशु ने किन कारणों से आत्मघाती कदम उठाया, इसकी विवेचना पुलिस कर रही है। बताया जा रहा है कि उसके भी परीक्षा चल रहे थे और वह तैयारी में लगा हुआ था। इसी दौरान उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

जिला मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंकित गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ के अनुसार परीक्षा नजदीक आने पर बच्चों में पहले से ही तनाव रहता है। इसलिए अभिभावक बच्चों पर अत्यधिक दबाव न डालें। दूसरे बच्चों से तुलना करने से भी बचें, क्योंकि इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है

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