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भाजपा की चार इंजन वाली सरकार में भी बलौदा बाजार के चर्चित गार्डन चौक का अस्तित्व खतरे में : भुनेश्वर सिंह डहरिया

 

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बलौदा बाजार। शहर के हृदय स्थल में स्थित वर्षों से चर्चित गार्डन चौक इन दिनों अपनी बदहाली और उपेक्षा के कारण अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह गार्डन, जो कभी नगरवासियों के लिए आकर्षण और बच्चों के मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, आज कई महीनों से ताला बंद है और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष भुनेश्वर सिंह डहरिया ने गार्डन चौक की बदहाल स्थिति को लेकर शासन-प्रशासन और नगर पालिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बलौदा बाजार में पार्षद से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष, विधायक, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक भाजपा से हैं, इसके बावजूद शहर के मुख्य स्थल पर स्थित एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक गार्डन की यह दुर्दशा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जिस गार्डन का निर्माण जनता के टैक्स के पैसों से लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर कराया गया, आज उसी गार्डन को उचित रखरखाव और व्यवस्था के अभाव में बंद पड़ा रहने दिया गया है। गार्डन में कई महीनों से ताला लगा होने के कारण शहर के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

बच्चों की खेल सुविधा भी हुई प्रभावित

भुनेश्वर सिंह डहरिया ने कहा कि गार्डन का सबसे अधिक असर शहर के बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों के खेलने और मनोरंजन के लिए बनाए गए झूले एवं अन्य सुविधाएं लंबे समय से खराब अथवा अनुपयोगी स्थिति में हैं। गार्डन बंद होने के कारण बच्चों को खेलने के लिए उचित सार्वजनिक स्थान तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास का दावा करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि जनता के पैसों से बनाई गई सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग जनता कर पा रही है या नहीं।

बड़े लोहे के गेट को हटाकर चौपाटी में लगाने पर सवाल

AAP जिलाध्यक्ष ने गार्डन के पुनर्निर्माण के दौरान लगाए गए बड़े लोहे के गेट को हटाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गार्डन में लगाया गया बड़ा लोहे का गेट तुड़वाकर वहां छोटा गेट लगा दिया गया और बड़े गेट को शहर में नवनिर्मित चौपाटी में लगाया गया। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक संपत्ति से संबंधित इस प्रकार के बदलाव किए गए हैं तो नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को जनता के सामने इसकी पूरी जानकारी देनी चाहिए। आखिर किस आदेश के तहत गार्डन का गेट हटाया गया और उसे दूसरी जगह लगाया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

मंत्री-विधायक और अधिकारी गुजरते हैं, फिर भी गार्डन की बदहाली क्यों नहीं दिखती?

भुनेश्वर सिंह डहरिया ने कहा कि गार्डन चौक शहर के प्रमुख स्थान पर स्थित है। यहां से प्रतिदिन जनप्रतिनिधि, मंत्री, विधायक और शासन-प्रशासन के अधिकारी गुजरते हैं। इसके बावजूद महीनों से बंद पड़े गार्डन की स्थिति पर किसी का ध्यान नहीं जाना गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार होने के बावजूद यदि शहर के बीच स्थित सार्वजनिक गार्डन कई महीनों से ताला बंद और जर्जर पड़ा है, तो फिर विकास के दावों की वास्तविकता क्या है? उन्होंने शासन-प्रशासन से सवाल किया कि आखिर गार्डन को कब खोला जाएगा और नगरवासियों को इसकी सुविधाएं कब वापस मिलेंगी?
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि—
गार्डन चौक का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।

कई महीनों से लगे ताले को हटाकर गार्डन को आम जनता के लिए खोला जाए। गार्डन का आवश्यकतानुसार जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाए। बच्चों के लिए झूले और खेल उपकरण लगाए जाएं तथा खराब उपकरणों की मरम्मत की जाए।

नागरिकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

साफ-सफाई, प्रकाश और सुरक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गार्डन के बड़े लोहे के गेट को हटाकर चौपाटी में लगाए जाने के मामले की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
जनता के टैक्स के पैसों से निर्मित इस सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।

समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेगी AAP
भुनेश्वर सिंह डहरिया ने कहा कि गार्डन चौक किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे शहर की सार्वजनिक संपत्ति है। जनता के टैक्स से निर्मित इस गार्डन को इस तरह बदहाल और बंद नहीं रहने दिया जा सकता।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शासन-प्रशासन से तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है। यदि संबंधित अधिकारी जल्द गार्डन को आम जनता के लिए खोलने तथा उसकी व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो आम आदमी पार्टी नगरवासियों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज के रूप में मजबूती से उठाएगी और जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन एवं जन आंदोलन किया जाएगा।

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