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सूरजपुर जिले में ड्राइवर ने SECL के रिटायर्ड कर्मचारी की पत्नी को किया किडनैप

 

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ड्राइवर ने SECL के रिटायर्ड कर्मचारी की पत्नी को किडनैप किया। दरअसल महिला के पति को रिटायरमेंट के 50 लाख से भी ज्यादा रकम मिले थे, इसी बात की जानकारी ड्राइवर को पहले से थी। उसने पैसों के लालच में अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की।

29 अप्रैल को 3 साथी घर में घुसे, उन्होंने पीने के लिए पानी मांगने के बहाने से बात की। इसके बाद मौका देखकर ललिता कुजूर (62) को पकड़ा, मुंह-आंख पर टेप लगाया और अपने साथ ले गए। इसके बाद पति को कॉल कर 22 लाख फिरौती मांगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 4 दिन बाद पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा है, 1 फरार की तलाश जारी है।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, ग्राम सरनापारा में रहने वाले पैत्रुस कुजूर ने 30 अप्रैल को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 अप्रैल की सुबह वह अपने ड्राइवर के साथ अपनी एक्सीडेंट हुई गाड़ी ठीक कराने अंबिकापुर गया था। उस समय उसकी पत्नी ललिता कुजूर घर पर अकेली थी।

दोपहर करीब 1 बजे उसकी पत्नी ने कॉल कर पूछा कि वह घर कब आएंगे, तो उसने बताया कि वह अंबिकापुर से निकल रहा है। इसके बाद जब वह दोपहर करीब 3:30 बजे अपने ड्राइवर के साथ घर पहुंचा, तो उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। घर का सामान फैला हुआ था और कुछ स्थानों पर खून भी गिरा था।

उसने आसपास और परिचितों के घर पत्नी की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। तभी करीब 3:50 बजे पत्नी के मोबाइल से उसे कॉल आया। कॉल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि अगर अपनी पत्नी को वापस चाहते हो तो 22 लाख रुपए दो, नहीं तो वह तुम्हें नहीं मिलेगी। इसके बाद ललिता कुजूर का फोन बंद हो गया।

महिला की तलाश के लिए पुलिस ने टीम बनाई

मामले की जानकारी मिलते ही डीआईजी और एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत अगवा महिला को ढूंढने और आरोपियों को पकड़ने के लिए 3 पुलिस टीम बनाई। पुलिस टीमों ने मौके पर जाकर जांच की और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया।

इसी दौरान पुलिस को पैत्रुस कुजूर के पहले काम कर चुके ड्राइवर रौशन देवांगन (21) पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे ग्राम मानपुर से पकड़कर पूछताछ की तो उसने माना कि वह ललिता के अपहरण में शामिल था।

ड्राइवर ने फिरौती के लिए किया था किडनैप

पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले करीब 18 महीने तक पैत्रुस की गाड़ी चलाता था। इसलिए उसे पता था कि पैत्रुस एसईसीएल से रिटायर हुआ है और उसे काफी पैसा मिला है। पैसे के लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर किडनैपिंग की योजना बनाई।

वह अपने साथी शेख इशू (23) और एक अन्य के साथ पैत्रुस के घर गया। वहां उसने ललिता से पीने के लिए पानी मांगने के बहाने बात की। इसके बाद मौका देखकर महिला को पकड़ लिया, उसे घर के अंदर ले गए और उसके मुंह-आंख पर टेप लगा दिया। उसके हाथ-पैर भी बांध दिए।

फिर उसे बाइक से डुमरिया स्थित रौशन की टायर पंचर दुकान पर ले गए। वहां से उसका मोबाइल लेकर ग्राम रूनियाडीह पहुंचे और पैत्रुस को फोन कर 22 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद मोबाइल बंद कर दिए।

पकड़े जाने के डर से 2 दिन बाद छोड़ा

पकड़े जाने के डर और पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग को देखते हुए अपहरण करने वाले दो अन्य आरोपियों ने पैत्रुस की पत्नी ललिता को छोड़ने का फैसला किया। घटना के 2 दिन बाद 1 मई को वे उसे डुमरिया से पीढ़ा होते हुए पर्री-चंदरपुर बायपास रोड पर ले गए और वहां घायल हालत में छोड़कर भाग गए।

इसके बाद उन्होंने महिला को ढकने वाला कंबल, बांधने की रस्सी और मुंह पर लगाया टेप निकालकर वहीं जला दिया और मौके से फरार हो गए।

घायल अवस्था में मिली महिला

इसके बाद महिला किसी तरह पास के एक घर पहुंची और वहां से मोबाइल से जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और उसका पति मौके पर पहुंचे। महिला घायल थी, इसलिए पुलिस ने तुरंत उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल सूरजपुर में भर्ती कराया।

इसी बीच जब रौशन देवांगन के पकड़े जाने की खबर मिली, तो दूसरा आरोपी शेख इशू भागकर बिलासपुर की ओर जाने लगा। पुलिस ने केतका इलाके में घेराबंदी कर उसे भी पकड़ लिया। पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल 1 बाइक, एक स्कूटी और दो मोबाइल जब्त किया है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।

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