छत्तीसगढ़प्रमुख खबरें

करोड़ों की लागत से बनी सेंट्रल लाइब्रेरी, लेकिन मुख्य द्वार बंद होने से छात्र परेशान

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

कोंडागांव में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित कोंडागांव का सेंट्रल लाइब्रेरी जहां एक ओर छात्रों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है, वहीं दूसरी ओर यहां की व्यवस्थाएं अब परेशानी का कारण बनती जा रही हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान बनी इस लाइब्रेरी का लाभ जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं उठा रहे हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याएं उनकी राह में बाधा बन रही हैं।

मुख्य समस्या लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार को लेकर सामने आई है। दरअसल, यह द्वार शासकीय गुंडाधुर कॉलेज का भी मुख्य प्रवेश मार्ग है, जिसे प्रबंधन द्वारा शाम 7 बजे के बाद बंद कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि शाम होते ही असामाजिक तत्व कॉलेज परिसर में प्रवेश कर नशापान और हुड़दंग करते हैं, जिससे बचाव के लिए यह कदम उठाया गया है।

हालांकि, इस निर्णय का सीधा असर लाइब्रेरी में देर रात तक पढ़ाई करने वाले छात्रों पर पड़ रहा है। मुख्य द्वार बंद होने के कारण छात्रों को वैकल्पिक रास्ते से आना-जाना पड़ता है, जो लाइब्रेरी के पीछे से कलेक्टर बंगले की दीवार के पास होकर गुजरता है। इस मार्ग पर न तो समुचित प्रकाश व्यवस्था है और न ही सुरक्षित रास्ता, जिससे कई बार छात्र-छात्राएं फिसलकर गिरने जैसी घटनाओं का सामना कर चुके हैं।

छात्रों का कहना है कि मुख्य द्वार बंद करना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उनका आरोप है कि असामाजिक तत्व अन्य रास्तों से भी परिसर में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही।

मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रितेश पटेल ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से चर्चा की और प्रशासन से सुरक्षा व निगरानी बढ़ाने की मांग की। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की इस समस्या पर क्या कदम उठाता है।

Related Articles

Back to top button