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जबलपुर में एक सैर बरगी बांध में पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक पलट गया बच्ची ने बताई क्रूज़ डूबते समय की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

 

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मध्य प्रदेश केमध्य प्रदेश के जबलपुर में एक सैर पल भर में मातम में बदल गई बरगी बांध में पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक पलट गया चार लोगों की मौत 13 अब भी लापता सवाल ये क्या मौसम ही जिम्मेदार था या लापरवाही ने ली जान? क्या यात्रियों को समय पर सुरक्षा मिली? और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी क्यों हुई?

मध्य प्रदेश के बरगी बांध से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज अचानक पलट गया। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 13 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

घटना के वक्त क्रूज में कुल 32 लोग सवार थे, जिनमें 29 यात्री और 3 क्रू सदस्य शामिल थे। राहत की बात ये रही कि 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई परिवारों की खुशियां इस हादसे में उजड़ गईं।

पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा के मुताबिक, शाम के वक्त अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवाओं के कारण क्रूज संतुलन खो बैठा और कुछ ही पलों में पलट गया। हवा की रफ्तार बाहरी इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिसने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। SDRF की टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जबकि NDRF की 40 सदस्यीय टीम भोपाल से रवाना कर दी गई, जिसके देर रात तक पहुंचने की संभावना जताई गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान क्रूज को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षित निकाले गए सभी लोगों की हालत सामान्य है।

हालांकि, हादसे के बाद सामने आई चश्मदीदों की कहानी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक यात्री ज्यूलियस के मुताबिक, क्रूज यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। जब क्रूज डूबने लगा, तभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई। कई लोग तो जैकेट पहन ही नहीं पाए। इस हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटी और चार साल का नाती अब भी लापता हैं।

इसी बीच, 14 वर्षीय जफर अली ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली। क्रूज के पलटते ही उसने नदी में छलांग लगा दी और तेज बहाव के बावजूद तैरकर किनारे तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के कारण कम दबाव का क्षेत्र बना था। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और आसपास के इलाकों में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने हवाओं की रफ्तार को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया।

अब बड़ा सवाल यही है क्या यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा थी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया? फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।पल भर में मातम में बदल गई बरगी बांध में पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक पलट गया चार लोगों की मौत 13 अब भी लापता सवाल ये क्या मौसम ही जिम्मेदार था या लापरवाही ने ली जान? क्या यात्रियों को समय पर सुरक्षा मिली? और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी क्यों हुई?

मध्य प्रदेश के बरगी बांध से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज अचानक पलट गया। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 13 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

घटना के वक्त क्रूज में कुल 32 लोग सवार थे, जिनमें 29 यात्री और 3 क्रू सदस्य शामिल थे। राहत की बात ये रही कि 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई परिवारों की खुशियां इस हादसे में उजड़ गईं।

पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा के मुताबिक, शाम के वक्त अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवाओं के कारण क्रूज संतुलन खो बैठा और कुछ ही पलों में पलट गया। हवा की रफ्तार बाहरी इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिसने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। SDRF की टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जबकि NDRF की 40 सदस्यीय टीम भोपाल से रवाना कर दी गई, जिसके देर रात तक पहुंचने की संभावना जताई गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान क्रूज को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षित निकाले गए सभी लोगों की हालत सामान्य है।

हालांकि, हादसे के बाद सामने आई चश्मदीदों की कहानी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक यात्री ज्यूलियस के मुताबिक, क्रूज यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। जब क्रूज डूबने लगा, तभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई। कई लोग तो जैकेट पहन ही नहीं पाए। इस हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बेटी और चार साल का नाती अब भी लापता हैं।

इसी बीच, 14 वर्षीय जफर अली ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली। क्रूज के पलटते ही उसने नदी में छलांग लगा दी और तेज बहाव के बावजूद तैरकर किनारे तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय तापमान में तेजी से बढ़ोतरी के कारण कम दबाव का क्षेत्र बना था। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और आसपास के इलाकों में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने हवाओं की रफ्तार को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया।

अब बड़ा सवाल यही है क्या यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा थी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया? फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

 

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