छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए बनेगा नया कानून, विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को मिलेगी प्राथमिकता – मंत्री वर्मा
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल 00 कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026 का प्रारूप तैयार, सात दिनों के भीतर आम नागरिकों और हितधारकों से मांगे गए सुझाव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में संचालित कोचिंग सेंटरों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने तथा विद्यार्थियों के हितों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026 का प्रारूप तैयार किया गया है। प्रस्तावित कानून के माध्यम से कोचिंग संस्थानों के संचालन में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, सकारात्मक और तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026 के प्रारूप से कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को अनावश्यक शैक्षणिक दबाव, मनमानी फीस और अन्य समस्याओं से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026 के प्रारूप को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के लिए अभिभावकों, शिक्षाविदों, युवाओं, हितधारकों और आम नागरिकों से सात दिनों के भीतर सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं। विधेयक का प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपने



