भीषण गर्मी में सड़ा-गला खाना बेचने पर सख्ती, फिर भी दुकानदार बेच रहे, 12 से ज्यादा दुकानों पर छापा

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राजधानी बिना किसी व्यवस्था में गर्मी में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो रही हैं। तेजी से बढ़ते तापमान का असर खाद्य सामग्री पर भी हो रहा है। शहर में कई जगहों पर एक्सपायरी या खराब हो गई चीजों को भी बेचा जा रहा है। लगातार शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में सख्त हो गया है।
यही वजह है कि बुधवार को शहर में एक साथ एक दर्जन से ज्यादा दुकानों, बेकरी और कैंटीन में छापा मारा गया। सभी जगहों से सैंपल लिए गए हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने तीन हॉस्पिटल कैंटीन, पांच पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर विनिर्माता और विक्रेता फर्मों के साथ ही छह आइसक्रीम बेचने वालों की जांच की।
पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का लीगल नमूना भी लिया गया। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। तीनों फर्मों से करीब 5 किलो एक्सपायर्ड ब्रेड मौके पर ही नष्ट कराई गई। 2 फर्मों को सुधार सूचना नोटिस दिया गया है। अस्पताल कैंटीन में ठीक तरीके से सफाई नहीं होने पर अफसर नाराज भी हुए। सभी को सख्ती से कहा गया है कि कहीं भी गंदगी दिखी तो तगड़ा जुर्माना किया जाएगा।
बिक्री बढ़ी इसलिए ऐसा
मुनाफे के लिए कर रहे क्वालिटी से समझौता
राजधानी में लगातार पारा बढ़ने की वजह से कुल्फी, आइसक्रीम, जूस समेत ठंडी चीजों की बिक्री दोगुना से भी ज्यादा हो गई है। ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए दुकानदार और फैक्ट्री वाले कभी गंदा पानी तो कभी खराब सामग्री उपयोग में ला रहे हैं। ज्यादा सप्लाई करने के चक्कर में क्वालिटी से समझौता कर रहे हैं।
खराब सामग्री से बनी चीजों के उपयोग से लोग बीमार हो रहे हैं। उल्टी, दस्त, फूड प्वाइजनिंग से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो गया है। इसी तरह बेकरी और फैक्ट्रियों में कई दिनों से रखा केक, पेस्ट्री और नाश्ते की चीजें बेची जा रही हैं। ये भी लोगों के लिए नुकसानदायक है।
फ्रिजर में है कहकर दुकानदार इसे बेच देते हैं। इससे खासतौर पर बच्चों को ज्यादा नुकसान हो रहा है। इस तरह की सभी व्यापार और गतिविधियों को रोकने के लिए ही प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। जो जून तक जारी रहेगा।



