फर्जी तरीके से लिया था इनकम टैक्स रिफंड, इंदौर-उज्जैन के 649 करदाताओं पर एक्शन

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इंदौर। इनकम टैक्स का बोगस रिफंड लेने वाले इंदौर और उज्जैन के 649 करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। फर्जी तरीके से रिफंड हासिल कर इन करदाताओं ने टैक्स चोरी की। कार्रवाई के दायरे में आए करदाता ज्यादातर केंद्र या राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारी हैं। जबकि कुछ निजी कंपनियों में मैनेजमेंट के पदों पर बैठे कर्मचारी हैं।

सभी मोटा वेतन ले रहे थे और उस पर लगने वाले आयकर को बचाने के लिए अपने इनकम टैक्स रिटर्न में फर्जी खर्च, दान आदि दिखाकर रिफंड हासिल कर लिया। ये सभी प्रकरण इंदौर के एक कर सलाहकार के यहां हुई जांच में विभाग के हाथ लगे थे।
1341 लोगों के रिटर्न का रिकॉर्ड हाथ लगा
आयकर विभाग के अनुसार बीते साल जनवरी में इंदौर के एक कर सलाहकार दिनेश कुमार पंवार के यहां विभाग ने छापा मारकर जांच की थी। बोगस क्लेम से रिफंड हासिल करने के बिंदु पर ही यह जांच हुई थी। इस दौरान इस कर सलाहकार के यहां से कुल 1341 लोगों के रिटर्न का रिकॉर्ड विभाग के अधिकारियों के हाथ लगा था। इसकी जांच विभाग ने की।
तमाम करदाताओं के रिटर्न के ब्योरे और रिफंड के लिए दिखाए गए खर्च, निवेश व दान का सत्यापन किया गया। इस पर इनमें से 649 करदाताओं पर बोगस क्लेम दिखाकर रिफंड लेने की पुष्टि हो गई। इनमें से 380 करदाता इंदौर रेंज एक के हैं जबकि 235 करदाता इंदौर रेंज चार के हैं। साथ ही 34 करदाता उज्जैन की रेंज एक के भी मिले हैं जिन्होंने बोगस क्लेम से सरकार को चूना लगाया।
भारी पड़ेगा फर्जीवाड़ा
विभाग ने बोगस रिफंड लेने वाले इन करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। फर्जी रिफंड के द्वारा जितनी आय छुपाई गई है उसके मुकाबले 30 प्रतिशत राशि टैक्स के रूप में चुकानी होगी। साथ ही इस पर 200 प्रतिशत तक पेनाल्टी भी देनी होगी। इतना ही नहीं इन करदाताओं को इस सबके अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना होगा। करदाताओं के बीते वर्षों के रिटर्न की भी जांच होगी।
यानी बोगस रिफंड लेना इन पर भारी पड़ेगा। विभाग ने सभी को नोटिस भी जारी कर दिए हैं। दरअसल आयकर के नियमों में किसी भी करदाता को होम लोन, पंजीकृत संस्थाओं को किए गए दान, बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च, मेडिक्लेम, नेशनल पेंशन स्कीम के तहत किए निवेश आदि पर आयकर से छूट मिलती है।
होम लोन पर दो लाख तक, मेडिक्लेम पर करीब 75 हजार, स्कूल फीस व अन्य खर्च पर डेढ़ लाख रुपये और पेंशन स्कीम में एक लाख रुपये तक की छूट मिल जाती है। ये तमाम करदाता बिना ऐसे खर्च या निवेश के फर्जी रसीदों के आधार पर टैक्स की छूट लेते रहे हैं।
नोटिस से पहले बचने का मौका
बोगस रिफंड लेने वाले करदाताओं के बीते वर्षों के रिटर्न की जांच होगी। ऐसे में इन्हें भारी पेनाल्टी-टैक्स चुकाना पड़ेगा। अब भी ऐसे करदाता जिन्हें पता है कि उनके रिफंड में गड़बड़ी है लेकिन अभी आयकर से नोटिस नहीं मिला है, वे अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर टैक्स व ब्याज चुकाकर कार्रवाई बच सकते हैं। – स्वप्निल जैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट



