छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिसकर्मियों के समान वेतन, SC का सरकार को निर्देश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 10,000 होमगार्ड के जवानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने ‘समान काम-समान वेतन’ के सिद्धांत के आधार पर होमगार्ड के जवानों को पुलिसकर्मियों के समकक्ष वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है।
विशेष अनुमति याचिका को खारिज
इसके साथ ही, शासन द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करते हुए तीन महीने के भीतर इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साल 2022 में बिलासपुर जिले में कार्यरत होमगार्ड ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर समान काम के लिए समान वेतनमान की मांग की थी।
समान वेतनमान का निर्देश
उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को समान वेतनमान देने का निर्देश दिया था। इस आदेश का पालन न करने पर होमगार्ड के दो जवानों ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने तय समयावधि में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए रिट अपील दायर की, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। अंतत:, छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

