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रायपुर। भारत माला परियोजना के अंतर्गत बन रहे रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनामिक कॉरिडोर में वन्यजीवों के लिए स्वतंत्र मार्ग तैयार किए गए हैं। सीतामढ़ी–उदंती अभयारण्य क्षेत्र में हाथियों, बंदरों, सांपों और अन्य वन्यप्राणियों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने, उनके स्वतंत्र विचरण में सहयोग और संरक्षण के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।
यहां हाथियों के लिए 300 मीटर चौड़े दो और 360 मीटर चौड़े एक अंडरपास का निर्माण किया गया है। इन मार्गों से हाथियों के झुंड को एक ओर से दूसरी ओर जाने में सुविधा मिलेगी। वन विभाग की रिपोर्ट में इन क्षेत्रों से हाथियों के विचरण की जानकारी दी गई थी।
26 किलोमीटर में 23 मंकी केनोपी
बंदरों के लिए सड़क के ऊपर मंकी केनोपी का निर्माण किया गया है, जिससे वे जमीन पर उतरे बिना सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने सीतामढ़ी- उदंती अभयारण्य क्षेत्र की 26 किलोमीटर लंबी सड़क में 23 स्थानों पर मंकी केनोपी स्थापित की है। सीतानदी–उदंती टाइगर रिजर्व में बंदरों की संख्या अधिक है। मंकी केनोपी सड़क के ऊपर दोनों ओर के पेड़ों को जोड़ते हैं।
सांप के लिए अलग से सुरंग
यहां निर्मित ओवरब्रिजों पर सांपों और अन्य रेंगने वाले जीवों की आवाजाही के लिए विशेष पाइप डाले गए हैं, जो प्राकृतिक सुरंग की तरह हैं। इससे वे सड़क पर आए बिना सुरक्षित निकल सकेंगे और वाहनों की चपेट में नहीं आएंगे। इसके अलावा जंगली जानवरों के लिए 11 ओवरपास भी बनाए गए हैं, जो बाघ, भालू और अन्य जानवरों के आवागमन के रास्ते हैं।