छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, वीआइपी चौक पर स्थापित की गई नई प्रतीमा
रायपुर के वीआईपी चौक पर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतीमा को खंडित करने आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसकी जांच कराई जा रही है। वहीं वीआईपी चौक पर नई प्रतीमा का पुणर्स्थापन कर दिया गया है।

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रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित वीआइपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मनोज कुर्रे के रूप में हुई है, जिसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन विशेष टीमें लगाई गई थीं, जिन्होंने 24 घंटे के भीतर उसे पकड़ लिया।
घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था। रविवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी और प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी को पकड़ लिया।
|तेलीबांधा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की मानसिक स्थिति असामान्य पाई गई है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तोड़फोड़ की घटना जानबूझकर की गई या मानसिक अस्थिरता के कारण।
थनौद से मंगाई गई प्रतिमा
प्रशासन ने देर रात ही थनौद से नई प्रतिमा मंगवाई और सुबह वीआइपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की पुनः स्थापना का कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखें।
2022 में छत्तीसगढ़ महतारी की लगी पहली प्रतिम
तेलीबांधा तालाब के पास स्थित छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में छत्तीसगढ़ महतारी की मुख्य प्रतिमा स्थापित है। इसका अनावरण 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। यहीं से 33 जिलों में इसी तरह की प्रतिमाएं लगाने की घोषणा हुई थी। प्रतिमा में मातृ स्वरूपा महिला को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान-लुगरा और आभूषणों में दर्शाया गया है।
उनके एक हाथ में धान की बालियां हैं जो राज्य की कृषि प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। दूसरे हाथ में दीपक (दीया) ज्ञान, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। सिर पर मुकुट, चेहरे पर तेज और मुद्रा में मातृत्व तथा गौरव की झलक दिखती है।


