डॉ. मृणालिका ओझा ने “दीपशिखा” को पठनीय कहानी संग्रह बताया

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रायपुर। “दीपशिखा” कहानी संग्रह में संग्रहित समस्त कहानियां परिवार एवं समाज के ताने-बाने का सूक्ष्मता से परीक्षण करती है एवं समाज पर पड़ने वाले उसके प्रभावों को भी रेखांकित करती है। संग्रह की अधिकांश कहानियां स्त्री विमर्श पर केंद्रित है। यह कहानी संग्रह निश्चित ही पठनीय है।
सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं कथाकार डॉ. स्नेहलता पाठक की दो पुस्तकों के विमोचन के अवसर पर डॉ. मृणालिका ओझा ने अपने उद्बोधन में उक्त बातें कही।
इस गरिमामय कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रवि श्रीवास्तव ने की एवं श्री सुशील त्रिवेदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। डॉ. चित्तरंजन कर एवं श्री गिरीश पंकज विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। समस्त विशिष्ट अतिथियों ने कहानी संग्रह एवं उपन्यास की भाषा एवं उनके पठनीय होने की प्रशंसा की।
कहानी संग्रह ‘दीपशिखा पर श्रीमती रूपेन्द्रराज तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपन्यास ‘लाल रिबन वाली लड़की’ पर श्रीमती सरला शर्मा एवं श्री शीलकांत पाठक ने अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार आयोजक संस्था छत्तीसगढ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री डॉ. सुधीर शर्मा ने किया।




