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बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपराओं और पनका समाज के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – आप नेता समीर खान

 

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जगदलपुर, बस्तर |  विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी के आगमन के दौरान पनका समाज के साथ कथित भेदभाव और समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक विदाई से पहले वापस भेजे जाने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। आम  आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री एवं बस्तर जॉन प्रभारी समीर खान ने सवाल उठाया कि क्या पानका समाज को राष्ट्रपति के सामने अपनी वर्षों पुरानी मांगें और पीड़ा रखने का अधिकार नहीं है?

बस्तर दशहरा केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की आस्था, आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। मावली माता की परंपरा, जोगी बिठाई, मुरिया दरबार, मांझी-मुखिया, चालकी, पुजारी, सिरहा, गुनिया, पारंपरिक कारीगर और पीढ़ियों से दशहरा में सेवा देने वाले समाजों का सम्मान इसकी पहचान है। समीर खान ने आरोप लगाया कि लालबाग मैदान में पानका समाज के निर्धारित स्थान पर दूसरे लोगों को बैठाना और समाज को राष्ट्रपति से मिलने से वंचित रखना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार बस्तर की ऐतिहासिक संस्कृति को राजनीतिक इवेंट बनाने के बजाय परंपराओं और समाजों का सम्मान करे। आम आदमी पार्टी ने सरकार और बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी, प्रभावित समाज से संवाद और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेंद्र नाथ, बल्लू भवानी, दांती पोयम सहित बस्तर के आदिवासी नेताओं ने भी नाराजगी जताई है।

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