मैहर रेलवे स्टेशन की छत तेज आंधी में उड़ी
रेल संचालन प्रभावित,स्टेशन मास्टर कक्ष व जीआरपी चौकी को भारी नुकसान, ओएचई लाइन टूटी।

मैहर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के मैहर स्टेशन पर आज रविवार की देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदलने से हड़कम्प मच गया. तेज आंधी-तूफान के चलते रेलवे स्टेशन में काफी नुकसान पहुंचा है. स्टेशन मास्टर के कक्ष के साथ-साथ जीआरपी पुलिस चौकी की भी छत उड़ गई, जिससे भारी नुकसान पहुंचा है. वहीं ओवर हेड इलेक्ट्रिक लाइन (ओएचई) वायर कई जगह टूटने से कटनी-सतना के बीच रेल संचालन बाधित हो गया है. दोनों ओर (अप व डाउन) दिशाओं की गाडिय़ों को पिछले स्टेशन पर रुक गया है. रेलवे स्टाफ यातायात दुरुस्त करने के लिए सुधार कार्य में लगा हुआ है. इस घटना के दौरान वहीं रेल कर्मचारी, जीआरपी कर्मचारी व यात्री अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर भागते-दौड़ते रहे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना के संबंध में बताया जाता है कि देर शाम अचानक तेज हवाएं चलने लगी, जो खतरनाक रूप लेने लगी. मैहर में तेज हवाओं से होर्डिंेग्स, टिन के शेड आदि उडऩे लगे. कई पेड़ भी जड़ से उखड़ गये. इसी दौरान तेज आंधी ने मैहर रेलवे स्टेशन को भी जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया है. रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर के कक्ष की छत जो टिन की थी, वह उड़ गई, इसी तरह जीआरपी सहायता केंद्र की छत भी उड़ गई और पूरा स्ट्रक्चर जमीन पर आ गिरा, जिससे सहायता केंद्र का फर्नीचर, बाईक व अन्य सामान को भारी नुकसान पहुंचा है. बताया जाता है कि प्लेटफार्म पर लगे शेड भी कई जगहों से उखड़ कर उड़ गये, जिनसे बचने के लिए यात्री प्लेटफार्म से भागकर सुरक्षित पक्के भवन में पहुंचकर अपनी जान बचाते नजर आये.
रेलवे स्टेशन पर गुणवत्ताहीन कार्यों की पोल भी खुली
इस तेज आंधी ने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की कार्यप्रणाली की पोल भी खोल कर रख दी है. मैहर रेलवे स्टेसन की छतेें तो सूखे पत्तों की तरह उड़ रही थी, जिसने गुणवत्ताहीन किये गये निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है. यह तो यात्रियों का सौभाग्य रहा कि किसी तरह का नुकसान यात्रियों को नहीं हुआ, केवल रेल संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की खबर है.



