कानपुर डबल मर्डर: पत्नी और बेटियों के सामने दोस्तों संग घर में ये काम करता था बाप, नौकरानी ने भी बताया बड़ा सच


कानपुर में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी शशिरंजन मिश्रा अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है। उसकी पत्नी रेशमा ने उस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रेशमा के अनुसार, शशिरंजन शराब और नशीली दवाओं को खाने का लती है। अपने मेडिकल प्रोफेशन के कुछ दोस्तों के साथ उसने कई बार घर पर ही दारू पार्टी की है।
रेशमा ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कलिम्पोंग की रहने वाली हैं। वर्ष 2010 में नौकरी की तलाश में सहेलियों के साथ शहर आई थीं। स्वरूपनगर स्थित पार्लर में नौकरी करने के दौरान शशिरंजन से मुलाकात हुई थी।
चार साल की दोस्ती के बाद दोनों ने मंदिर में शादी की थी। इसके बाद उन्होंने पार्लर वाली नौकरी छोड़ दी। शशि पहले से शराब पीता था लेकिन लती हो गया था। साथ ही नॉनवेज और दारू पार्टी के लिए दोस्तों को भी घर बुला लेता था। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाता है।

पुलिस 15 दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, साजिश की पुष्टि
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी शशिरंजन की पत्नी रेशमा, अपार्टमेंट का सुरक्षा गार्ड प्रेमनारायण दीक्षित और घर में काम करने वाली नौकरानी अमरावती उर्फ आशा इस मामले के प्रमुख गवाह होंगे। तीनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इन्हें केस की कड़ी जोड़ने में अहम माना जा रहा है
पत्नी के बयान से घरेलू हालात और घटना से पहले की परिस्थितियों पर रोशनी पड़ी है। सुरक्षा गार्ड और नौकरानी ने आरोपी की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट दिए हैं। मौके पर किए गए बेंजीडाइन परीक्षण में हत्यारोपी के हाथ और कपड़ों पर बच्चियों का खून मिला है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मजबूत आधार
यह उसे सजा दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा। नौबस्ता थाना प्रभारी के अनुसार, वारदात वाले कमरे के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज जांच का सबसे अहम सबूत हैं। फुटेज के जरिए घटना के समय आरोपी की मौजूदगी, गतिविधियों और घटनाक्रम की समयरेखा को स्पष्ट किया जा रहा है।
यह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत में आरोपी के खिलाफ मजबूत आधार साबित होगा। आरोपी ने भी वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई अहम तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती निष्कर्षों में बच्चियों को पहले नशीला पदार्थ दिए जाने की आशंका जताई गई है।
ऐसे हुई साजिश की पुष्टि
हत्या में इस्तेमाल किए गए स्टील के चापड़ को आरोपी द्वारा पांच दिन पहले मूलगंज से 500 रुपये में खरीदकर लाने की बात सामने आई है। चापड़ को पहले से खरीदकर लाने से घटना में साजिश की पुष्टि होती है। यह दर्शाता है कि हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। पुलिस इस पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है। सभी साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर एक मजबूत केस को बनाया जा रहा है।
तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और फॉरेंसिक रिपोर्ट को आधार बनाकर मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है। जांच टीम का लक्ष्य है कि सभी पहलुओं पुख्ता कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके



