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अनावश्यक 10 करोड़ के रीजेंट की खरीदी क्यों की गयी, अंबेडकर अस्पताल का निर्माण टेंडर क्यों अटका है – आम आदमी पार्टी

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल करने वाले स्वास्थ्य मंत्री का तुरंत इस्तीफा लिया जाये-आम आदमी पार्टी

 

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रायपुर, 27 जून 2026। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय,प्रदेश अध्यक्ष, कर्मचारी विंग विजय कुमार झा,प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप नेताओं ने बताया कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में पिछले सरकार के दौरान हुए 440 करोड़ के बहुचर्चित मोक्षित रीजेंट स्कैम के बाद अब पैसों की खुली बर्बादी का नया खेल चालू हो गया है मामला रीजेंट (खून जाँचने का केमिकल) की खरीदी से जुड़ा है। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश की सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी लैब को इसी जून महीने से एक निजी एजेंसी एचएलएल को सौंपना शुरू कर दिया है, एचएलएल कंपनी को 5 साल के लिए ठेका दिया गया है,तो क्यों दूसरी कंपनी से 10 करोड़ का रीजेंट खरीदा गया? जब विभाग को पता है की नई कंपनी नई मशीनें लगाएगी तो यह रीजेंट उसमें काम नहीं आएगा।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि निश्चित ही इस खरीदी में सीजी एमएससी और स्वास्थ्य विभाग के अफसर की मिली भगत है और इसमें भ्रष्टाचार हुआ है।

आप नेताओं के कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केदो और प्राथमिक स्वास्थ्य केदो जहां पर पैथोलॉजी लैब (हमर लैब ) संचालित हो रही है सरकार उसे अगले 6 महीने में बंद करने जा रही है। तो क्या है छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण इलाकों की आम जनता के स्वास्थ्य को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाएगा।

आप नेताओं ने प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के 700 बिस्तरों वाले नए अस्पताल भवन के निर्माण में हो रही लगातार देरी को लेकर राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया है। राज्य सरकार ने दो वर्ष पूर्व 231 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल भवन बनाने की घोषणा की थी। तो सरकार ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की?

प्रदेशभर से हजारों मरीज प्रतिदिन अंबेडकर अस्पताल पहुंचते हैं। हाल के महीनों में एम्स से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां रेफर किए जा रहे हैं। अस्पताल के वार्डों में बेड की भारी कमी है। महिलाओं, बच्चों और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार और भर्ती के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार का यह रवैया जनता के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।

आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:

तथाकथित 10 करोड़ के रीजेंट खरीदी में अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।

700 बिस्तरों वाले अस्पताल का टेंडर तत्काल अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए।

टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

अंबेडकर अस्पताल में वर्तमान बेड क्षमता और चिकित्सा सुविधाओं को तत्काल बढ़ाया जाए।

प्रदेश में हमर लैब को बंद ना किया जाए।

तत्काल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से इस्तीफा लिया जाये।

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। हमारी मांगों पर यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो पार्टी जनता के हित में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

 

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