ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टोरेट:कहा- 24 घंटे में फैसला नहीं तो चूल्हा लेकर करेंगे प्रदर्शन

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नकटी गांव अतिक्रमण हटाए जाने के बाद नकटी गांव का भाटापारा पूरी तरह से वीरान हो गया है। अब यहां सिर्फ टूटे मकानों के मलबे नजर आ रहे हैं। गांव में ऐसा मातम छाया हुआ है कि बुधवार को कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। इधर, कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में ही पक्के मकान की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव किया।

दोपहर करीब 2 बजे के आसपास ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। वहीं ग्रामीणों के पक्ष में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस बीच ग्रामीणों को कलेक्टर से मिलने के लिए बुलाया गया। इसके बाद 5-6 महिलाएं भीतर गईं, लेकिन उन्हें अपनी मांगों को लिखित में देने कहा गया और उसके बाद चर्चा के लिए भीतर बुलाने की बात कही गई।
इतना सुनते ही महिलाएं भड़क गईं और वापस लौटकर गेट पर ही धरने पर बैठ गईं। देर रात करीब 9 बजे ग्रामीणों ने एडीएम को लिखित में अपनी मांगें सौंप दी है। ग्रामीणों के अनुसार यदि गुरुवार तक गांव में ही मकान बनाकर देने का फैसला नहीं लिया गया तो शुक्रवार से एक बार फिर आंदोलन शुरू होगा।
ग्रामीणों पर बलवा का केस दर्ज : इधर, माना थाना में नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध में पत्थरबाजी और हंगामे के मामले में ग्रामीणों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा समेत बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) व 191(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि विरोध के दौरान बुलडोजर में तोड़फोड़ और अधिकारियों से धक्का-मुक्की की गई।
नकटी मामले में कोर्ट जाएंगे; भाजपा के विधायक की कॉलोनी का विरोध करें : बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में नकटी गांव में 85 मकानों और प्रधानमंत्री आवासों पर हुई तोड़फोड़ को अमानवीय, अनैतिक और गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद न तो सीमांकन किया जाता है और न ही विस्थापन की कार्रवाई होती है, लेकिन 29 जून को नियमों की अनदेखी कर गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया।
कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। यदि सरकार दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करती तो पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने भाजपा विधायकों से भी गरीबों के सम्मान में इस कॉलोनी का बहिष्कार करने की अपील की। बैज ने कहा कि सरकार के पास नया रायपुर में हजारों एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है, जहां विधायक आवास बनाए जा सकते हैं।
विरोध में कांग्रेस विधायकों का सीएम साय को पत्र सरायपाली विधायक चातुरीनंद, लैलूंगा विधायक विद्यावती कुंजराम सिदार के साथ बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे ने सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। तीनों विधायकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। साथ ही कहा- मुझे गरीबों का आशियाना उजाड़कर बनाया जाने वाला विधायक आवास नहीं चाहिए। इसके पहले मंगलवार को बिंद्रानवागढ़ के विधायक जनक ध्रुव ने भी इसी तरह अपना विरोध जताया था।
जून 2025 में बृजमोहन ने सीएम को लिखी थी चिट्टी
ग्रामीणों के कब्जे की जमीन छोड़कर बनाएं विधायकों के लिए आवास
जब नकटी के इसी हिस्से में विधायक आवास निर्माण की चर्चा उठी थी, तब सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी आपत्ति जताई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कहा था कि बेदखली की कार्रवाई मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। वह गांव की चारागाह भूमि है, जिसे गांव के पूर्वजों ने संरक्षित रखा था।
ग्राम पंचायत की व्यवस्था के तहत वहां आवास बने हैं। कई लोगों के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं। कई अन्य शासकीय योजनाएं भी वहां पहुंची है। वहां निवासरत लोग गरीब परिवार से हैं और मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। गरीब परिवार के आवास को हटाकर विधायक कालोनी निर्माण करना उचित नहीं है।
ग्राम नकटी की इस भूमि को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर विधायक कालोनी निर्माण किया जाए। नकटी में खसरा नंबर 460 गांव के ही पूर्वजों द्वारा सम्मिलित जमीन है। इसलिए जनहित में नकटी विकासखंड का 15.47 हेक्टेयर पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा विधायक कॉलोनी निर्माण पर रोक लगाई जाए।
बेहतर पुनर्वास के लिए 8 सदस्यीय कमेटी प्रशासन का दावा है कि पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो, इसके लिए आठ सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है। 65 परिवारों को बेघर छोड़ने के बजाय उन्हें नया रायपुर अटल नगर के सेक्टर-30 स्थित सर्वसुविधायुक्त ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रभावित परिवारों को केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि बिजली, पेयजल, पक्की कंक्रीट सड़कें, वॉकिंग ट्रैक, सार्वजनिक उद्यान, सामुदायिक भवन, यूटिलिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सीवर नेटवर्क जैसी सभी आवश्यक शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ग्राम नकटी में 38 एकड़ शासकीय भूमि है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा करीब 12 एकड़ भूमि विशेष योजना के लिए उपयोग होगी। वहीं शेष 26 एकड़ भूमि पर मंडल की स्ववित्तीय सामान्य आवास योजना विकसित की जाएगी।



